हरियाणा में मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा के तहत 23.31 लाख एकड़ भूमि का 91% भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है।
हरियाणा में मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा को दुरुस्त करने के लिए चल रहा भौतिक सत्यापन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 23 जिलों में कुल 23 लाख 31 हजार 540 एकड़ भूमि के मिसमैच डाटा का करीब 91 फीसदी भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों और पटवारियों की ओर से बाकी काम भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पोर्टल पर किसानों द्वारा दर्ज की गई जमीन और फसल संबंधी जानकारी का सेटेलाइट इमेज से मिलान किए जाने के बाद बड़ी मात्रा में डाटा मिसमैच सामने आया था। इसके बाद राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को मौके पर जाकर रिकॉर्ड का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई।
कुरुक्षेत्र सबसे आगे, सिरसा में सबसे कम सत्यापन
भौतिक सत्यापन की प्रगति में कुरुक्षेत्र जिला सबसे आगे है। यहां 99.89 फीसदी मिसमैच भूमि का सत्यापन पूरा हो चुका है। वहीं अंबाला 99.50 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है।
इसके विपरीत सिरसा में अभी तक 69.97 फीसदी भूमि का भौतिक सत्यापन पूरा हुआ है। विभाग की कोशिश है कि शेष जिलों में भी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा के सत्यापन के लिए कृषि और राजस्व विभाग से जुड़े करीब 4,400 पटवारी प्रदेशभर में लगाए गए हैं। पटवारियों को केवल उन जमीनों का सत्यापन करना है, जिनका डाटा पोर्टल पर मिसमैच के रूप में सामने आया है।
मिसमैच डाटा के कारण किसानों को फसल बिक्री में दिक्कत
पोर्टल पर भूमि का रिकॉर्ड मिसमैच होने के कारण कई किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर निजी बोली के माध्यम से फसल बेचने पर भावांतर भरपाई का लाभ और सरकारी खरीद के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जमीन के रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद पोर्टल पर संबंधित डाटा को दुरुस्त किया जा सकेगा। इसके बाद किसानों के लिए फसल बिक्री की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
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भिवानी में सबसे ज्यादा मिसमैच भूमि
भिवानी जिले में प्रदेश में सबसे अधिक 3 लाख 4 हजार 744 एकड़ (RCS) भूमि का मिसमैच डाटा सामने आया था। किसानों द्वारा पोर्टल पर फसल का विवरण दर्ज करने के बाद जब इसे सेटेलाइट इमेज से मिलाया गया, तो यह अंतर सामने आया।
मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा के सत्यापन के लिए भिवानी जिले में 200 से अधिक पटवारी लगाए गए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि बचा हुआ सत्यापन कार्य जल्द पूरा कर लिया जाए।
91.33 फीसदी काम पूरा
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य उपप्रधान विकास राठी के अनुसार, प्रदेश के पटवारियों ने अब तक 91.33 फीसदी भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि भिवानी में बचा हुआ डाटा भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं भिवानी तहसीलदार जयवीर सिंह ने बताया कि जिले में 200 से अधिक पटवारी इस कार्य में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पोर्टल पर मिसमैच रिकॉर्ड को ठीक किया जा सकेगा।
सत्यापन पूरा होने के बाद मिलेगी राहत
किसानों के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा का समाधान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भूमि रिकॉर्ड में अंतर रहने पर उन्हें फसल बिक्री और सरकारी लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
विभागीय स्तर पर सत्यापन का काम पूरा होने के बाद संबंधित किसानों की भूमि और फसल का रिकॉर्ड पोर्टल पर सही किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आ रही मौजूदा दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में मेरी फसल मेरा ब्योरा मिसमैच डाटा के भौतिक सत्यापन का 91 फीसदी काम पूरा होना इस दिशा में बड़ी प्रगति मानी जा रही है। अब प्रशासन का फोकस बाकी बचे डाटा के सत्यापन और किसानों के रिकॉर्ड को जल्द दुरुस्त करने पर है।
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