एएनआई, नई दिल्ली: इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्‍योति  का आज नैशनल वॉर मेमोरियल में विलय हो गया। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इंडिया गेट पर लौ बुझाई नहीं जा रही है, उसके एक हिस्‍से का विलय किया जा रहा है। बता दें कि एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्‍ण के हाथों मशाल प्रज्‍जवलित की गई है।

उन्‍होंने ही नैशनल वॉर मेमोरियल की लौ में अमर जवान ज्‍योति से लाई लौ को मिलाया। अमर जवान ज्‍योति का एक हिस्‍सा नैशनल वॉर मेमोरियल के अमर चक्र में जलने वाली लौ से मिलाया गया। एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्‍ण ने समारोह की अध्‍यक्षता की। इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से अमर जवान ज्‍योति जल रही है। 25 फरवरी, 2019 को नैशनल वॉर मेमोरियल में अमर जवान ज्‍योति प्रज्‍जवलित की गई थी।

सेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पहले अमर जवान ज्‍योति पर माल्‍यार्पण किया गया। उसके बाद, चारों लौ से एक मशाल जलाई गई और उसे एक छोटी मशाल में समेटा गया। यही मशाल नैशनल वॉर मेमोरियल ले जाई जाएगी।एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्‍ण ने राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक पर माल्‍यार्पण किया।

अमर जवान ज्योति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को अमर जवान ज्योति उद्घाटन किया था। अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय होना था, जो अब पूरा हो गया है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और इंडिया गेट के बीच महज 400 मीटर की ही दूरी है।

जहां केन्द्र सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है ऐसे में विपक्ष की प्रतिक्रिया भी आना शुरू हो गई है।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया गया। कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं…, हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!’ वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती से पहले देश के महान सपूत के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में इंडिया गेट पर उनकी ग्रेनाइट की एक प्रतिमा लगाई जाएगी।