भोपाल। भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की कथित टिप्पणी पर कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल पर कटाक्ष किया। प्रज्ञा ने टिप्पणी की थी कि अल्कोहल एक ‘दवा’ है अगर इसे कम मात्रा में लिया जाए। एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें प्रज्ञा समझाती नजर आ रही है कि शराब चाहे सस्ती हो या महंगी, दवा का भी काम करती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में सीमित मात्रा में लेने पर शराब एक दवा है। लेकिन जब असीमित रूप से सेवन किया जाता है, तो यह जहर होता है। नई आबकारी नीति पर किए सवाल पर प्रज्ञा ने यह बात कही है। नई आबकारी नीति में सरकार ने विदेशी शराब पर शुल्क में 10 फीसदी से 13 फीसदी की कटौती की है।

कांग्रेस ने किया कटाक्ष
प्रज्ञा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीसीसी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि सांसद शराब का विरोध नहीं कर रहे हैं, केवल इसकी मात्रा का विरोध कर रहे हैं। अंकुर ग्राउंड में एमपी पुजारी संघ की ओर से आयोजित फ्रेंडली क्रिकेट मैच में प्रज्ञा मुख्य अतिथि थीं। वह क्रिकेट भी खेलती थी।

उमा भारती का शराबबंदी अभि‍यान  
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर शराब और नशाबंदी के लिए अभियान चलाने का संकल्प दोहराया हैं। वे 14 फरवरी के बाद अभियान शुरू करेंगी। उमा भारती जनवरी में नशाबंदी अभियान शुरु करने वाली थी, मगर कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि हमारा शराबबंदी, नशाबंदी का अभियान सरकार के खिलाफ नही हैं , शराब और नशे के खिलाफ है। कांग्रेस, भाजपा एवं सरकार में बैठे हुए लोगों को समझा पाना भी एक कठिन काम हैं ।

14 फरवरी से शुरू होगा अभि‍यान
उन्होने आगे राजनीतिक दलों और सरकारी पक्ष की ओर से आने वाली समस्याओं की तरफ इशारा करते हुए कहा, इन सब कारणों से अभियान के प्रारंभ से अभियान के पूर्णता तक मुझे स्वयं पूरी तरह से सजग एवं संलग्न रहना होगा, जिसके लिए मैं तैयार हूं। मेरी प्रथम चरण की बातचीत आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवकों, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हो चुकी हैं । अगला चरण 14 फरवरी के बाद प्रारंभ करूंगी । शराबबंदी, नशाबंदी मध्यप्रदेश में होकर रहेगी।