नई दिल्‍ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री ‘राष्‍ट्रीय बालिका दिवस’ और ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार के विनर्स के साथ वर्चुअली मुखातिब हुए। बच्‍चों के साथ उनके पेरेंट्स और उनके इलाकों के डीएम भी मौजूद थे। केंद्र सरकार ने इस साल कुल 29 बच्‍चों को राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार-2022 देने का ऐलान किया है। इन विनर्स को ‘ब्‍लॉकचेन टेक्‍नॉलजी’ का यूज कर डिजिटल सर्टिफिकेट्स दिए गए है। आइए आपको भी बताते हैं किे आखि‍र पीएम मोदी ने बच्‍चों से किस तरह से बात की।

बालमुखी रामायण लिखने वाले का पीएम मो जवाब
पीएम नरेंद्र मोदी ने मध्‍य प्रदेश के अवि शर्मा से पूछा कि आप तो लेखक हैं, बालमुखी रामायण लिखी है, आपका बचपन बचा है या खत्‍म हो गया? जिसका देते हुए शर्मा ने कहा कि उन्‍हें प्राचीन और पौराणिक कथाओं से प्रेरणा मिलती है। शर्मा ने लॉकडाउन के दौरान टीवी पर रामायण का री-टेलीकास्‍ट कराने पर पीएम का धन्‍यवाद दिया।

तीन घंटे बच्‍ची आतंकि‍यों को उलझाया था
पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले 29 बच्‍चों की लिस्‍ट में एक ऐसी बच्‍ची भी शामिल है, जिसने आतंक‍ियों के साथ मुकाबला किया था। 12 साल की इस बच्‍ची का नाम गुरुगु हिमप्रिया है। 2018 में जम्‍मू के सुजवां स्थित आर्मी कैम्‍प पर आतंकी हमला हुआ था। आतंकवादी फैमिली क्‍वार्टर में घुसने की कोश‍िश कर रहे थे। यहां पर हिमप्रिया और उनका परिवार भी था। उस वक्‍त 8 साल की इस बच्‍ची ने गजब का सूझबूझ और हिम्‍मत दिखाई। पहले तो दरवाजा बंद कर आतंकी को बाहर रखा, फिर ग्रेनेड धमाके में घायल मां की देखभाल करते हुए आतंकी से 3 घंटे तक नेगोशिएट करती रहीं। ताकि सेना को वक्‍त मिल जाए। हिमप्रिया ने कोई ऐसी जानकारी शेयर नहीं की जिससे आतंकियों को मदद मिल सके।

प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार के बारे में जानिए
– पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की सामाजिक सेवा, शैक्षिक, खेल, कला, संस्कृति और वीरता 6 कैटिगरीज हैं।

– 5 साल से ज्‍यादा और 18 साल से कम उम्र वाले बच्‍चों को यह पुरस्‍कार मिलता है।

– हर विजेता को एक पदक, एक लाख रुपए कैशन और सर्टिफ‍िकेट दिया जाता है।

– ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में प्रदान किए जाते हैं।

– कैश पुरुस्‍कार विनर्स के संबंध‍ित अकाउंट्स में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाते हैं।

– विनर्स हर साल गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते हैं। इस साल कोविड-19 की वजह से ऐसा नहीं होगा।