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क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हुई पिछले वर्ष लगभग 8.6 अरब डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग

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Blockchain फॉरेंसिंक फर्म चाइनालेसिस द्वारा की एक annual annual के अनुसार क्रिप्टो मार्केट में वर्ष 2020 और 2021 के बीच 6.6 अरब डॉलर (लगभग 49,600 करोड रुपए) की मनी लॉन्ड्रिंग अब बढ़कर 8.6 अरब डॉलर (लगभग 64,640 करोड रुपए) तक पहुंच चुकी है एक साल की इस रिपोर्ट से पता चलता है की मनी लॉन्ड्रिंग मे लगभग 30% की बढ़ोतरी हुई है जिसमें कुल लेनदेन का एक छोटा हिस्सा ही अवैध गतिविधियों से आया है हर साल हो रही प्रतिशत बढ़ोतरी के बावजूद साल 2019 की तुलना में यह आंकड़े काफी अंतर में है

चाइनालिसिस के एक रिपोर्ट के अनुसार अवैध फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पिछले सालों की तरह क्रिप्टोकरंसी को इकट्ठा करने वाली धोखाधड़ी पर ही चलता है अगर तुलना करें तो 2019 की अपनी रिपोर्ट में खुद chinalysis ने यह दावा किया था कि क्रिप्टोस्पेस में भी लगभग 10.9 अरब डॉलर (लगभग 81,945 करोड रुपए) की मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी रिकॉर्ड रखने वाली कंपनी chinalysis ने यह भी घोषणा की थी पिछले 5 साल की अवधि में यह आंकड़ा 30 अरब डॉलर (लगभग 2,25,570 करोड़ रुपए) से भी ऊपर पहुंच गए

फर्म द्वारा यह बात सामने आती है कि शराब की तस्करी जैसे अवैध गतिविधियों और कारोबार से प्रतिवर्ष लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर लगभग 1,50,36,360 करोड़ रुपए) की मनी लॉन्ड्रिंग होती है हालांकि इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह आंकड़ा एक अनुमान है क्योंकि फिजिकल लॉन्ड्रिंग में कैश के चलते निगरानी करना आसान है लेकिन क्रिप्टो करेंसी में ये बिल्कुल विपरीत होता है कंपनी आगे बताती है कि फिजिकल सेक्टर में हो रही लॉन्ड्रिंग की तुलना में यह आंकड़े बहुत कम है सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज रिपोर्ट के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग में गिरावट की बात भी की गई है जो कि पूरे आंकड़ों का मात्र 47% ही है अगर देखा जाए तो 2018 के बाद यह पहला मौका है जब आंकड़ा इतना कम हुआ है

हालांकि DeIF यानी डिसेंट्रलाइज फाइनेंस सेक्टर 2020 में 2% से बढ़कर सीधे 17% पर पहुंच गया था जिसके बाद से इसे लांड्रिंग के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल होते देखा जा रहा है चाइनालिसिस की रिपोर्ट से ये बात भी सामने आती है कि lezarus ग्रुप जैसे high-grade हैकर अब DeFi में जा चुके हैं जबकि छोटे स्तर के स्कैमर आज भी सेटेलाइट एक्सचेंज का ही इस्तेमाल कर रहे हैं ऐसेट के आधार पर ओल्डकॉइन लिस्ट में सबसे ऊपर देखा जा सकता है जिसमें लगभग 68% लांडर किए गए फंड अलग-अलग वॉलेट्स में भेजे गए हैं

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