वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते शुक्रवार को एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि ग्रामीण भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है और जल्द ही सभी गांव इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में शहरों को भी पीछे छोड़ देंगे। वित्त मंत्री ने आम बजट 2022 देश के भाषण पर जारी बहस के दौरान राज्यसभा में कहा कि मोबाइल एसोसिएशन और इंटरनेट रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या में 3 गुना की तेजी दर्ज की जा रही है, इसका मतलब है शहर के मुकाबले वर्तमान समय में गांव के लोग ज्यादा तेजी से इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं ऐसे में जल्द ही ग्रामीण भारत के लोग इंटरनेट इस्तेमाल के मामले में शहरी यूजर्स की संख्या को पार कर सकते हैं…
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून 2021 में भारत ऑप्टिकल फाइबर के जरिए डाटा खपत का आंकड़ा 13,000 टेराबाइट रहा। वही अगस्त 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक कुल इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 42.5 करोड़ रही। वित्त मंत्री ने बजट के दौरान कहा था कि ग्रामीण भारत में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का कॉन्ट्रैक्ट दे दिया है जिसका काम साल 2025 तक पूरा हो सकता है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को भारत योजना का ऐलान किया था जिसके तहत अगले 1000 दिनों में सभी गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का ऐलान किया गया था और सरकार की महत्वकांक्षी भारत में योजना 16 राज्यों के 3 लाख 61 हजार गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने वाली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल जुलाई में भारत में इस योजना को मंजूरी दे दी थी। देश में भारतनेट  योजना के तहत 5.46 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और इसमें कुल 1.73 लाख  ग्राम पंचायतों को फाइबर केबल से जोड़ा गया है। अब तक बीएसएनएल और कॉमन सर्विस सेंटर के गांवों में ऑप्टिकल फाइबर को पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा था