दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर एक शोध किया गया है। जिसके आधार पर वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि ओमीक्रोन से संक्रमित होने के बाद मरीजों में गंभीर बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है।

कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई हुई है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई बड़े देश कोरोना के बढ़ते संक्रमण से हालात काफी खराब हो रखे हैं। इस बीच दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने ओमीक्रोन से संक्रमण को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक रिसर्च के हवाले से बताया है कि कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट के संक्रमण से भविष्य में कोविड.19 बीमारी की गंभीरता में कमी आ सकती है। ऐसे में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण बढ़ने से व्यक्ति के जान को कम खतरा होता है।

ओमीक्रोन से संक्रमितों पर किया गया रिसर्च
दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि उनकी स्टडी पहले हुई स्टडी से मेल भी खा रही है। अफ्रीका हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स ने नवंबर और दिसंबर में ओमीक्रोन से संक्रमित 23 लोगों ने नमूनों में पाया कि वायरस का यह स्वरूप ओमीक्रोन, डेल्टा से हुए संक्रमण से उपजी प्रतिरक्षा को मात दे सकता है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इससे पता चलता है कि ओमीक्रोन, डेल्टा से संक्रमित हुए लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है लेकिन इसका उल्टा नहीं होता।

अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने कहा कि इसका असर इस पर निर्भर करेगा कि क्या वास्तव में ओमीक्रोन डेल्टा से कम रोगजनक है या नहीं। अगर ऐसा है तो कोविड.19 बीमारी के गंभीर होने की आशंका कम हो जाएगी और संक्रमण व्यक्ति तथा सामुदायिक स्तर पर कम हानिकारक होगा। ओमीक्रोन की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में ही की गई थी।

ओमीक्रोन को लेकर दी चेतावनी
विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुखिया टेड्रोस अधोनम ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस महामारी अभी खत्‍म नहीं होने जा रही है। उन्‍होंने कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट के हल्‍के होने के दावे के प्रति भी दुनिया को आगाह किया। टेड्रोस ने कहा कि दुनिया भर में ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले लगातार अविश्‍वसनीय तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, इससे नए वेरिएंट आ सकते हें। उन्‍होंने कहा कि अच्‍छी बात यह है कि कुछ देशों में कोरोना के मामले संभवत चरम पर पहुंच गए हैं, इससे यह आशा जगती है कि वर्तमान दौर में सबसे बुरा दौर खत्‍म हो गया है।