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पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर दुनियाभर से बधाई, विदेशी नेताओं ने की जमकर तारीफ

पीएम मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर बेल्जियम, भूटान, जापान, नाइजीरिया समेत कई देशों के नेताओं ने बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के मौके पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। 7 अक्टूबर 2026 को उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार की कमान संभालने के 25 वर्ष पूरे हुए। इस अवसर पर बेल्जियम, डोमिनिका, नाइजीरिया, भूटान और जापान के नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक सफर और नेतृत्व की सराहना की।

विदेशी नेताओं ने अपने संदेशों में भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की इच्छा भी जताई। वहीं, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोगबे ने एक भावुक पत्र के जरिए पीएम मोदी को अपना बड़ा भाई बताया और उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ तक कहा।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने दी बधाई

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीएम मोदी को गुजरात से नई दिल्ली तक लगातार 25 वर्षों तक सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई दी। उन्होंने भारत की अपनी हालिया यात्रा को बेहद उपयोगी बताया।

बार्ट डी वेवर ने कहा कि वह भारत और बेल्जियम के बीच पहले से मजबूत साझेदारी को आने वाले समय में और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं। उनके संदेश में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता भी दिखाई दी।

डोमिनिका के पीएम ने बताया प्रिय मित्र

डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना प्रिय मित्र बताया। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री को सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे करने पर शुभकामनाएं दीं।

स्केरिट ने गुजरात से भारत के प्रधानमंत्री पद तक पीएम मोदी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए डोमिनिका के प्रति उनके सहयोग और वहां के लोगों के लिए दिखाई गई उदारता की सराहना की। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताते हुए पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और निरंतर सफलता की कामना की।

नाइजीरिया ने बताया लोकतंत्र की दुर्लभ उपलब्धि

नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश में लगातार 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख के रूप में नेतृत्व करना एक असाधारण उपलब्धि है।

टिनूबू ने अपने संदेश में कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात में 12 साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने इस लंबे राजनीतिक सफर को भारतीय जनता के भरोसे से जोड़ते हुए भारत और नाइजीरिया के संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।

उन्होंने भारत और नाइजीरिया को ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज बताते हुए कहा कि दोनों देश अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

भूटान के प्रधानमंत्री का भावुक पत्र

सबसे अलग संदेश भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोगबे की ओर से आया। उन्होंने अपने पत्र में पीएम मोदी को अपना बड़ा भाई बताया और कहा कि वह उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ मानते हैं।

तोगबे ने 2019 में दिल्ली में हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी पार्टी चुनाव हार चुकी थी और उनका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। इसके बावजूद पीएम मोदी ने उनसे गर्मजोशी से मुलाकात की थी। तोगबे ने कहा कि उसी अनुभव के कारण उन्होंने मोदी को बड़े भाई के रूप में देखा।

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उन्होंने यह भी बताया कि उस समय उन्होंने पीएम मोदी की तुलना विष्णु के अवतार से की थी। बाद में उन्होंने खुद से सवाल किया कि कहीं वह भावनाओं में बहकर तो ऐसा नहीं कह गए थे, लेकिन अपने विचार पर दोबारा सोचने के बाद उन्हें लगा कि उनकी कही बात उचित थी।

गुजरात मॉडल से विकसित भारत तक की तारीफ

भूटान के प्रधानमंत्री ने गुजरात में पीएम मोदी के कार्यकाल और उसके बाद केंद्र की राजनीति में उनके नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुजरात में विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर दिखाई देता था।

तोगबे ने कहा कि बाद में इसी तरह की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाया गया। उन्होंने विनिर्माण, विदेशी निवेश, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया।

उन्होंने पीएम मोदी को अनुशासित, ऊर्जावान और मेहनती जनसेवक बताते हुए कहा कि देश और जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करता है।

‘विकसित भारत’ विजन का भी किया जिक्र

तोगबे ने अपने पत्र में भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ ने देश के भविष्य के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य और राष्ट्रीय मिशन की दिशा तय की है।

उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका प्रयास’ जैसी अवधारणाओं को सामूहिक विकास और भागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि यह लक्ष्य किसी एक व्यक्ति या एक चुनावी कार्यकाल तक सीमित नहीं है।

भूटान के प्रधानमंत्री ने बौद्ध परंपरा के ‘रिगसुम गोनपो’ का उल्लेख करते हुए ज्ञान, करुणा और साहस को अच्छे नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुण बताया और इन्हें भारत के विकास विजन से जोड़ा।

जापान की प्रधानमंत्री ने भी दी शुभकामनाएं

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भी प्रधानमंत्री मोदी को 25 साल के राजनीतिक नेतृत्व के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक भारत के सामाजिक और राष्ट्रीय विकास में योगदान दिया है।

ताकाइची ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने में पीएम मोदी के योगदान की सराहना की। उन्होंने जुलाई में भारत दौरे के दौरान मिले स्वागत को याद करते हुए दोनों देशों के बीच ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ अगले साल मनाई जाएगी। दोनों देश मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को लेकर साझा रणनीतिक सोच रखते हैं।

जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए काम करना चाहती हैं।

इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के राजनीतिक नेतृत्व के मौके पर मिले अंतरराष्ट्रीय संदेशों में उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर सकारात्मक टिप्पणियां सामने आईं।

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