Pradosh Vrat 2026: जानिए साल का दूसरा प्रदोष व्रत कब और कैसे करें शिव जी की पूजा
Pradosh Vrat 2026: जानिए साल का दूसरा प्रदोष व्रत कब है और शिव जी की पूजा कैसे करें। शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दान की जानकारी।
Pradosh Vrat 2026 के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाते हैं और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इस साल का दूसरा प्रदोष व्रत जनवरी में पड़ रहा है और इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानते हैं तारीख, समय और पूजा विधि।
जनवरी 2026 का दूसरा Pradosh Vrat 2026
जनवरी का दूसरा Pradosh Vrat 2026 माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, 16 जनवरी 2026 को किया जाएगा। यह दिन शुक्रवार होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं।
Pradosh Vrat 2026 का शुभ मुहूर्त
प्रारंभ: 15 जनवरी 2026, रात 8:16 बजे
समाप्ति: 16 जनवरी 2026, रात 10:21 बजे
पूजा का समय: शाम 5:47 बजे से रात 8:29 बजे तक
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शुक्र प्रदोष व्रत पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, बेलपत्र, फूल और धतूरा चढ़ाएं।
दीपक जलाएं और पूजा के दौरान लगातार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें।
शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
पूजा के बाद प्रदोष व्रत की कथा सुनें और शिव जी की आरती करें।
प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
शुक्र प्रदोष व्रत में दान और लाभ
इस दिन सफेद रंग की वस्तुएं जैसे दूध, दही, चीनी, सफेद मिठाई, चावल और सफेद कपड़े दान करने से विशेष लाभ होता है। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन भी खुशहाल बना रहता है।
इन गलतियों से बचें
प्रदोष व्रत के दिन केतकी का फूल और तुलसी अर्पित करने से बचें।
व्रत करने वाले को झूठ बोलने, क्रोध करने या किसी का अनादर करने से बचना चाहिए।
इन नियमों की अवहेलना करने पर व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।
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