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पंजाब में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 8.5 लाख MT पहुंचा मंडियों में धान; 7.5 लाख MT की खरीद पूरी

पंजाब में धान खरीद तेज, मंडियों में 8.5 लाख MT धान पहुंचा और सरकारी एजेंसियों ने 7.5 लाख MT की खरीद पूरी की। जानें पूरी जानकारी।

पंजाब में पंजाब धान खरीद का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य की अलग-अलग अनाज मंडियों में अब तक करीब 8.50 लाख मीट्रिक टन (MT) धान पहुंच चुका है, जिसमें से सरकारी एजेंसियों ने लगभग 7.50 लाख MT धान की खरीद पूरी कर ली है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने जगरांव अनाज मंडी के दौरे के दौरान यह जानकारी दी।

मंत्री ने जगरांव मंडी में चल रही खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जगरांव की विधायक सरवजीत कौर मनुके भी उनके साथ मौजूद रहीं। अधिकारियों से मंडी में किसानों को मिल रही सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी ली गई।

180 लाख MT धान खरीद का लक्ष्य

लाल चंद कटारूचक ने बताया कि वर्ष 2026-27 के खरीद सीजन के लिए पंजाब सरकार ने 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसानों को उनकी उपज के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय व्यवस्था भी मजबूत की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने धान खरीद के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) जारी की है।

मंत्री के मुताबिक, मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना यानी जूट की बोरियां भी पहुंचाई जा चुकी हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट न आए।

किसानों की पूरी फसल खरीदने का भरोसा

मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पंजाब की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में लाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पंजाब धान खरीद के दौरान किसानों और आढ़तियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिवहन, बारदाना, भुगतान और खरीदे गए धान की लिफ्टिंग से जुड़े इंतजामों की लगातार निगरानी की जा रही है।

कटारूचक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंडियों में किसानों के लिए व्यवस्थाएं सुचारू रहें और खरीद के बाद धान उठाने में अनावश्यक देरी न हो।

24 घंटे में किसानों के खाते में पहुंचेगा भुगतान

लाल चंद कटारूचक ने कहा कि खरीदे गए धान का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है और भुगतान 24 घंटे के भीतर ट्रांसफर करने की व्यवस्था है।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर वह लगातार पंजाब की मंडियों का दौरा कर खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। लुधियाना उनका 11वां जिला है, जहां उन्होंने खरीद सीजन के दौरान व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है।

मंत्री ने किसानों को राज्य का “अन्नदाता” बताते हुए अधिकारियों से उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा।

सूखा और साफ धान मंडी में लाने की अपील

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में केवल अच्छी तरह सूखा और साफ धान लेकर आएं। इससे खरीद प्रक्रिया तेजी से पूरी करने में मदद मिलेगी और किसानों को मंडियों में अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब धान खरीद को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने के लिए परिवहन, भुगतान, बारदाना और लिफ्टिंग समेत सभी प्रमुख व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जगरांव मंडी की व्यवस्थाओं से मंत्री संतुष्ट

जगरांव अनाज मंडी की व्यवस्थाओं पर कटारूचक ने संतोष जताया। उन्होंने इसे क्षेत्र की प्रमुख मंडियों में से एक बताया। मंडी में करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई लाइटिंग व्यवस्था की भी उन्होंने सराहना की। यह व्यवस्था विधायक सरवजीत कौर मनुके के प्रयासों से स्थापित की गई है।

निरीक्षण के दौरान मार्केट कमेटी जगरांव के चेयरमैन कुलविंदर सिंह झज्ज, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नवनीत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (लुधियाना पश्चिम) सरताज सिंह चीमा, आढ़ती एसोसिएशन जगरांव के अध्यक्ष जगपाल सिंह कलेर और राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि ओम मित्तल समेत कई आढ़ती और किसान मौजूद रहे।

सरकार के मुताबिक, पंजाब धान खरीद के दौरान मंडियों में आवक बढ़ने के साथ खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को पूरी खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

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