राजस्थान: मकर संक्रांति पर सीएम भजनलाल शर्मा ने जलमहल में उड़ाई पतंग, दिया कुमारी भी रहीं साथ

राजस्थान में मकर संक्रांति 2026 पर जयपुर के जलमहल में आयोजित काइट फेस्टिवल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पतंग उड़ाकर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।

राजस्थान में मकर संक्रांति का त्योहार इस साल खास उत्साह और रंग-बिरंगे माहौल के साथ मनाया गया। राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल की पाल पर पर्यटन विभाग द्वारा भव्य ‘काइट फेस्टिवल-2026’ का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद पतंग उड़ाकर लोगों का दिल जीत लिया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और विधायक बालमुकुंद आचार्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

जलमहल की पाल पर दिखा पतंगबाजी का देसी अंदाज

जलमहल के खूबसूरत बैकड्रॉप में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही देसी अंदाज देखने को मिला। उन्होंने चरखी संभाली और मांझा थामकर बड़े ही आत्मविश्वास के साथ पतंग उड़ाई। कभी डोर को ढील देते तो कभी तेज खींचकर पतंग को आसमान में ऊंचाई तक ले जाते नजर आए। उनकी नजर लगातार आसमान पर बनी रही, ताकि पतंग किसी दूसरे पेंच में न कटे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस ऊर्जा और उत्साह को देखकर वहां मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोग भी काफी उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।

दिया कुमारी और बालमुकुंद आचार्य ने भी उड़ाई पतंग

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी पतंग उड़ाकर त्योहार का आनंद लिया। नेताओं की मौजूदगी से पूरे आयोजन में रौनक बढ़ गई और जलमहल की पाल रंग-बिरंगी पतंगों से भर गई।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

पतंग उड़ाने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने जयपुर की वर्षों पुरानी पतंगबाजी की परंपरा को जीवंत बनाए रखने की बात भी कही।

पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास

‘काइट फेस्टिवल-2026’ का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं बल्कि जयपुर पर्यटन को नई पहचान देना भी है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की परंपराओं से जुड़ने का मौका मिलता है।

जलमहल की खूबसूरती, खुले आसमान में उड़ती रंगीन पतंगें और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

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