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Republic Day Special: झांकी निकालने को लेकर भिड़ी केन्द्र और राज्य सरकारें, तमिलनाडु CM स्टालिन बोले – अब राज्य में ही निकालेंगे झांकी

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस करीब आने को है ऐसे में देश में एक और विवाद खड़ा हो गया है ‌‌। खबर सामने आ रही है कि इस बार की झांकियों में बंगाल, तमिलनाडु और केरल की झांकियों को शामिल नहीं किया गया।

केंद्र सरकार और राज्य सरकार के इस मामले ने तूल पकड़ लिया है सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि केंद्र सरकार सत्तारूढ़ पार्टियों को ही झांकियां निकालने का अवसर दे रही है वह विपक्षी पार्टियों को यह अवसर देना नहीं चाहती।कई गैर बीजेपी शासित राज्यों की झांकियां इस बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं किए जाने पर यह बड़ा मुद्दा बन गया है। स्टालिन ने कहा है कि, वो तमिलनाडु की झांकी को अब राज्यस्तरीय परेड में शामिल करेंगे और पूरे प्रदेश में घुमाएंगे। 

वहीं तमिलनाडु सीएम स्टालिन को लिखे अपने पत्र में, राजनाथ सिंह ने कहा कि तमिलनाडु की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए चुनी गई 12 झांकियों की अंतिम सूची में जगह नहीं बना सकी। एक दिन पहले, स्टालिन ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि यह कदम केंद्र द्वारा “अपमान” है। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर परेड में राज्य की झांकी को शामिल नहीं करने पर भी अपना विरोध दर्ज कराया है।

केरल सरकार ने शुक्रवार को समाज सुधारक नारायण गुरु की झांकी को हटाने का विरोध किया था। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने प्रधानमंत्री को अपने लिखे पत्र में कहा था कि इससे राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों की भावना को गहरी ठेस पहुंचेगी। हालांकि राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर आरोपो का बचाव करते हुए कहा कि, हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई है राज्यों की झांकियां विषय विशेषज्ञों की समितियों के बावजूद ही खारिज की गई हैं। जिसमें इन राज्यों को झांकियां निकालने की स्वीकृति नहीं दी जा सकी।

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