सावन में शिवलिंग पूजा की सही विधि: जानें जरूरी सामग्री, अभिषेक का तरीका और किन गलतियों से बचें
सावन में शिवलिंग पूजा की सही विधि, जरूरी सामग्री और अभिषेक के नियम जानें। महादेव की कृपा पाने के लिए अपनाएं ये आसान पूजा विधि।
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
सावन के महीने में भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए महादेव की पूजा करते हैं। आइए जानते हैं सावन में शिवलिंग पूजा की आसान विधि और इसके लिए जरूरी पूजन सामग्री।
शिवलिंग पूजा के लिए जरूरी सामग्री
सावन में शिवलिंग के अभिषेक के लिए कई चीजों का प्रयोग किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- शुद्ध जल और गंगाजल
- कच्चा दूध
- दही
- देसी घी
- शहद
- शक्कर
- गन्ने का रस
भक्त अपनी सुविधा के अनुसार केवल जल से भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
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पूजन सामग्री में:
- बेलपत्र (3 या 11 पत्ते)
- धतूरा
- भांग के पत्ते
- शमी के पत्ते
- आंकड़े के फूल
- सफेद चंदन
- भस्म
- अक्षत (चावल)
- धूप, दीप, फल और मिठाई
शामिल किए जाते हैं।
सावन में शिवलिंग पूजा की आसान विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पूजा के लिए सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। हालांकि, समय की कमी होने पर शाम के समय भी पूजा की जा सकती है।
पूजा की प्रक्रिया:
- सबसे पहले तांबे या अन्य पात्र से शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
- इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक कर सकते हैं।
- पंचामृत या दूध अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर दोबारा जल जरूर चढ़ाएं।
- अभिषेक के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करते रहें।
- घर में शिवलिंग पूजा कर रहे हैं तो अभिषेक के बाद शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछें।
- शिवलिंग पर सफेद चंदन और भस्म से त्रिपुंड लगाएं और अक्षत अर्पित करें।
- इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं।
- अंत में धूप-दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और अपनी भूलों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
शिवलिंग पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
सावन में शिवलिंग की पूजा करते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय तांबे के बर्तन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर और कुमकुम अर्पित करने से बचना चाहिए।
- भगवान शिव को तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं किए जाते हैं।
- शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए।
मान्यता है कि शिवलिंग से निकलने वाली जलधारा को नहीं लांघना चाहिए, इसलिए शिवलिंग की आधी परिक्रमा करने की परंपरा है।
सावन में महादेव की भक्ति का विशेष महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा से भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलने की मान्यता है। भक्त अपनी आस्था के अनुसार महादेव का जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
हर हर महादेव!
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