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Valentine’s day 2022 : प्रेम के इस खास दिन पर जानें खास बाते

प्रेम का ये रोग भी बड़ा अजीब है
यह देखता न अमीर न ही गरीब है…
चाहे कितने भी पहरे लगा लो दुनिया वालों, फिर भी प्रेमी रहते एक दूजे के हमेशा करीब हैं.

आज 14 फरवरी है यानि की वैलेंटाइन डे. आज प्यार, स्नेह और रूमानियत का दिन है हालांकि प्यार और प्यार की भावनाएं दर्शाने के लिए किसी खास दिन का होना जरूरी नहीं लेकिन इतिहास में हुए कुछ घटनाक्रमों की वजह से आज के दिन को प्यार का इजहार करने के लिए बनाया गया है. यूं तो अपने दिल की बातों को बयां करने के लिए हर दिन खास होता है और किसी खास दिन की जरूरत नहीं होती लेकिन आज का दिन बना है ऐसे ही लोगों के लिए जो साल के सभी दिन अपनी बात करने के लिए तरसते हैं या कहने से डरते है.

जिस तरह होली पर आपको कोई भी रंग लगाने से मना नहीं करता है और अगर कोई मना करे भी तो आप कह सकते हैं कि ‘बुरा ना मानो होली है.’ ठीक इसी तरह वैलेंटाइन डे (Valentine’s day) एक ऐसा दिन है जब आप किसी भी लड़की को प्रपोज करते हैं तो वह बुरा नहीं मानेगी. लेकिन हां, यह रीत सिर्फ उन युवाओं पर लागू होती है जो पश्चिमी सोच पर यकीन करते हैं. अगर आप यही किसी भारतीय परंपरा पर आस्था रखने वाली लड़की या लड़के पर लागू करेंगे तो शायद आपके साथ कुछ बुरा जरूर हो सकता है.

वैलेंटाइन डे आज एक ग्लोबल फेस्टिवल (global festival) बन चुका है. पुरी दुनिया इसे 14 फरवरी को मनाती है। इस दुनिया को प्रेम की जरूरत है और जो त्यौहार हमें आपस में प्रेम रखना सिखाए वह तो और भी जरूरी हो जाता है.

वैलेंटाइन डे को मूल रूप से संत वैलेंटाइन (saint valentine) के नाम पर मनाते है. परंतु संत वैलेंटाइन के विषय में ऐतिहासिक तौर पर विभिन्न मत हैं और कुछ भी सटीक जानकारी (facts) नहीं है. कहा जाता है कि संत वैलेंटाइन ने अपनी मृत्यु के समय जेलर की नेत्रहीन बेटी जैकोबस को अपने नेत्र दान किये व जैकोबस को एक पत्र लिखा, जिसमे अंत में लिखा था ‘तुम्हारा वैलेंटाइन’. यह दिन था 14 फरवरी, वैलेंटाइन-डे के बहाने पूरे विश्व में निःस्वार्थ प्रेम का संदेश फैलाया जाता है.

यह कोई जरूरी नहीं कि आज का सिर्फ आशिकों के लिए ही बना है. आज का दिन तो प्रेम को दर्शाने के लिए है और प्रेम सबके बीच होता है एक मां का उसके बच्चे के प्रति, एक दोस्त का दोस्त के लिए या पति का पत्नी के लिए. आज के दिन आप जिससे भी प्यार करते हैं या उसके प्यार के लिए उसे धन्यवाद देना चाहते हैं तो उसे अपना वैलेंटाइन बनाये

गुलाब कभी मुहब्बत का पैगाम नहीं होता,

चांद और चांदनी का प्यार सरेआम नहीं होता,

प्यार तो होता है निर्मल भावनाओं से,

वर्ना यूं ही दुनिया में राधा-कृष्ण का नाम नहीं होता.

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प्यार एक ऐसा विषय है जिस पर सभी की राय अलग-अलग होती है. प्यार अगर सच्चा हो तो खुदा को भी उसके आगे झुकना पड़ता है लेकिन आज की युवा पीढ़ी को हर दिन होने वाले तथाकथित सच्चे प्यार को पवित्र कहना शायद गलत ही होगा. पार्क और गार्डनों में युवाओं का दैहिक और वासना से भरा प्यार दिखाई देता है जिसे कई प्यार के नाम पर गाली कहते थे और अब यह अश्लीलता युवाओ द्वारा मेट्रो और बसों में भी देखने को मिल जाती है. दरअसल आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य सभ्यता की बयार में भारतीय समाज में प्रचलित प्रेम कथाओं को पूरी तरह भूल गई है. वह भूल चुकी है कि राधा और कृष्ण का प्रेम कितना निर्मल और निश्छल था।

आज हर तरफ हो हल्ला होता है कि वैलेंटाइन डे हमारी भारतीय सभ्यता के खिलाफ है लेकिन शायद जो लोग यह बातें कहते हैं उन्हें इसका बाजारी रूप ही दिखा है. वैलेंटाइन डे का मतलब गुलाब देना, gifts या कुछ और नहीं है, इस त्यौहार का मतलब है समाज में प्यार को बढ़ाना और समाज में एकता और प्रेम को बढ़ावा देना
ये तो कोई बुरा काम नहीं है. हालांकि युवाओं की कुछ गलत हरकतों की वजह से आज इस त्यौहार वेलेंटाइन डे में अश्लीलता फैलती नजर आती है पर हमें यही कोशिश करनी चाहिए कि यह त्यौहार अश्लील न बने. आज के दिन आप समाज में प्रेम को बढ़ावा दें और अपने इस वैलेंटाइन डे को बेहद खास बनाएं.

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