वेदांता शेयर में 8% की तेजी: अनिल अग्रवाल को कोर्ट से बड़ी राहत, 950 करोड़ के आर्बिट्रेशन मामले में सरकार की आपत्ति खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने वेदांता और रवा ऑयल के पक्ष में आए 99 मिलियन डॉलर के आर्बिट्रल अवॉर्ड को लागू करने का रास्ता साफ किया, शेयरों में आई तेजी
वेदांता शेयरों में 8% तेजी आई। दिल्ली हाई कोर्ट ने 950 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन मामले में अनिल अग्रवाल की कंपनी के पक्ष में फैसला दिया।
वेदांता शेयर: वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 9 जुलाई को जोरदार तेजी देखने को मिली। दिल्ली हाई कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद Vedanta Share Price में करीब 8 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। कोर्ट ने वेदांता और सिंगापुर की रवा ऑयल के पक्ष में आए 99 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) के विदेशी आर्बिट्रल अवॉर्ड को लागू करने के खिलाफ केंद्र सरकार की आपत्तियों को खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और वेदांता शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रवा ऑयल फील्ड के प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) से जुड़ा हुआ है। साल 2014 में केंद्र सरकार ने वेदांता और रवा ऑयल से करीब 99 मिलियन डॉलर की मांग को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था।
इसके बाद कंपनी ने इस विवाद को सुलझाने के लिए आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल का रास्ता अपनाया। साल 2016 में ट्रिब्यूनल ने वेदांता और रवा ऑयल के पक्ष में फैसला सुनाया।
बाद में मलेशिया की अदालतों ने भी इस आर्बिट्रल अवॉर्ड को मान्यता दी थी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार की आपत्तियां की खारिज
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस आर्बिट्रल अवॉर्ड का विरोध किया था। सरकार का कहना था कि यह फैसला भारत की सार्वजनिक नीति के खिलाफ है।
सरकार ने यह भी तर्क दिया कि आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) की व्याख्या को बदल दिया और सरकार को मिलने वाले पेट्रोलियम मुनाफे के हिस्से को कम कर दिया।
हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और विदेशी आर्बिट्रल अवॉर्ड को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया।
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वेदांता शेयरों में दिखा सकारात्मक असर
कोर्ट के फैसले के बाद वेदांता शेयरों में तेजी आई। 9 जुलाई को कंपनी के शेयर बढ़त के साथ 37.80 रुपये पर खुले और कारोबार के दौरान करीब 8 फीसदी की तेजी के साथ 39.60 रुपये तक पहुंच गए।
यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र रहा जब वेदांता शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले कंपनी के शेयरों में लगातार तीन दिनों तक गिरावट देखने को मिली थी।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
विशेषज्ञों के अनुसार, कोर्ट के फैसले से कंपनी पर मौजूद कानूनी अनिश्चितता कम हुई है। किसी बड़े विवाद के समाधान से निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की कंपनी के लिए यह फैसला एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है।
वेदांता के कारोबार पर असर
वेदांता लिमिटेड माइनिंग, मेटल, ऑयल और गैस सहित कई क्षेत्रों में कारोबार करने वाली प्रमुख भारतीय कंपनियों में शामिल है। कंपनी लगातार अपने कारोबार को मजबूत करने और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले से कंपनी को लंबे समय से चल रहे विवाद में राहत मिली है और बाजार में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला।
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