देश इस समय कोरोना वायरस की तीसरी लहर की चपेट में है, इस बात को भारत सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है. हालांकि यह तीसरी लहर काफी कमजोर और कम प्रभाव वाली है. वैज्ञानिकों की मानें तो भारत में अधिकांश लोगों ने कोरोना वैक्सीन ले रखी है, जिसकी वजह से तीसरी लहर का प्रभाव न के बराबर रह गया है. इस बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि 12-14 साल के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने को लेकर कोई भी फैसला वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर किया जाएगा. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि अगर कोई कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित हैं तो वे तीन महीने के बाद दूसरी या एहतियाती खुराक ले सकते हैं.

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डॉ वीके पॉल ने कहा कि हमारा लक्ष्य 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन है और यह निर्णय वैज्ञानिक जानकारी पूर्ण होने और वैक्सीनेशन प्रोग्राम के समग्र दृष्टिकोण के जरिए किया जाएगा. इसको लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है.’ स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में सक्रिय मामलों की तुलना में होने वाली मृत्यु बहुत घट गई हैं. दूसरी लहर के दौरान वैक्सीनेटिड आबादी 2% थी, अब तीसरी लहर के दौरान वैक्सीनेटिड आबादी 72% है. पिछले 4 दिनों में प्रतिदिन कोविड टेस्ट को लगातार बढ़ाया गया है। राजेश भूषण ने बताया कि पिछले 24 घंटों में लगभग 19 लाख टेस्ट किए हैं। महाराष्ट्र में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 2% से बढ़कर 22% हो गई है। कर्नाटक में पॉजिटिविटी 4 सप्ताह पहले 0.5% थी जो अब 15% हो गई है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में वर्तमान में लगभग 19 लाख सक्रिय मामले हैं, पिछले एक सप्ताह में प्रतिदिन लगभग 2,71,000 मामले दर्ज़ किए जा रहे हैं। पॉजिटिविटी रेट 16% है। पिछले 24 घंटों में 3,17,000 मामले दर्ज़ किए गए। 1 जनवरी को सिर्फ 22 हज़ार मामले दर्ज़ किए गए थे. वर्तमान में विश्व में कोविड की चौथी लहर देखी जा रही है, पिछले 1 सप्ताह में प्रतिदिन 29 लाख मामले दर्ज़ किए गए। पिछले 4 सप्ताह में अफ्रीका में कोविड मामले घट रहे हैं। एशिया में कोविड मामले बढ़े हैं। यूरोप में भी मामले घट रहे हैं.