IDFC First Bank से जुड़ा विवाद सुलझा, ₹556 करोड़ 24 घंटे में सरकार के खातों में लौटाए गए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
IDFC First Bank से जुड़े विवाद में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि बैंक से संबंधित कुल ₹556 करोड़ 24 घंटे के भीतर सरकार के खातों में सुरक्षित रूप से जमा करा दिए गए हैं। इसमें ₹22 करोड़ ब्याज भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी दोषी — चाहे वह बैंक कर्मचारी, निजी व्यक्ति या कोई अधिकारी हो — बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “2.80 करोड़ लोगों की मेहनत की कमाई की तरफ कोई आँख उठाकर भी नहीं देख सकता।”
बैकग्राउंड और कार्रवाई
IDFC First Bank से जुड़ी यह राशि राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण थी। राशि की वसूली और सुरक्षित जमा कराने के लिए राज्य प्रशासन और बैंकिंग अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी और सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री का संदेश
श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में यह संदेश दिया कि राज्य सरकार जनता के धन की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंकिंग प्रणाली और सरकारी खाता प्रबंधन में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कदम से राज्य में लोगों के बीच सरकार की कार्यप्रणाली और वित्तीय सुरक्षा को लेकर विश्वास और बढ़ा है।
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