हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में विपक्ष के हरियाणा भर्ती प्रक्रिया संबंधी आरोपों का करारा जवाब दिया। जानें HSSC, HPSC और बैकलॉग नियुक्तियों पर सीएम की पूरी सफाई।
हरियाणा विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक बेहद आक्रामक और भावुक रूप देखने को मिला। प्रदेश में नौकरियों और हरियाणा भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा घेरे जाने पर मुख्यमंत्री ने न केवल पलटवार किया, बल्कि आंकड़ों के साथ कांग्रेस शासनकाल की विफलताओं का कच्चा चिट्ठा भी खोल दिया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विपक्ष युवाओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा ले रहा है।
विपक्ष के ‘झूठ’ से आहत हुए मुख्यमंत्री
विधानसभा में कांग्रेस के ‘काम रोको प्रस्ताव’ पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “विपक्ष द्वारा नौकरी की भर्ती में विफलताओं का जो झूठा आरोप लगाया जा रहा है, उससे मेरा मन बहुत आहत है।” सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उनके नेता सदन को बाधित करने के लिए रोज नई ‘झूठ की कहानियां’ गढ़ रहे हैं।
पारदर्शी रही है हरियाणा भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार हर परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के और पारदर्शी ढंग से आयोजित करा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
स्वायत्त संस्थाएं: HSSC और HPSC पूरी तरह स्वायत्त हैं और बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम कर रही हैं।
विज्ञापन वापसी का कारण: 8,653 पदों के विज्ञापन इसलिए वापस लिए गए ताकि हरियाणा भर्ती प्रक्रिया में ‘सामान्य पात्रता परीक्षा’ (CET) को शामिल कर नए अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जा सके।
रद्द परीक्षाओं की सच्चाई: ग्राम सचिव और पुलिस कांस्टेबल जैसी परीक्षाएं पेपर लीक की आशंका के कारण रद्द की गई थीं, जिन्हें बाद में सफलतापूर्वक आयोजित कर परिणाम घोषित किए गए।
कांग्रेस बनाम भाजपा: आंकड़ों की जुबानी
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के समय हुई धांधलियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में 11 बड़ी भर्तियां रद्द हुई थीं, जिससे 7,338 युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया था। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि:
निकाले गए कर्मचारियों को राहत: इनेलो और कांग्रेस सरकार के समय निकाले गए 1,500 सिपाहियों और जेबीटी शिक्षकों को भाजपा सरकार ने वापस नौकरी पर लगाया।
बैकलॉग का समाधान: साल 2006 में अनुसूचित जाति (SC) का बैकलॉग जो 14,995 था, वह 2024 में घटकर मात्र 145 रह गया है। वहीं बीसी(बी) का बैकलॉग अब शून्य हो चुका है।
‘बिना खर्ची-बिना पर्ची’ पर भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों में भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद के कारण युवा हताश हो गए थे, लेकिन अब हरियाणा भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास लौटा है। भर्ती अब अखिल भारतीय पात्रता और संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत समान अवसर के सिद्धांत पर आधारित है। यही कारण है कि हाल की भर्तियों में लगभग 22 प्रतिशत अभ्यर्थी योग्यता के आधार पर अन्य राज्यों से भी चयनित हुए हैं।
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