हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ समन्वित और तकनीक आधारित रणनीति अपनाई, हरियाणा नशे विरोधी अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा नशे विरोधी अभियान को और तेज करते हुए राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने एक समन्वित और तकनीक आधारित रणनीति को लागू करने की दिशा में काम शुरू किया है, जिससे नशे के खिलाफ कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित 12वीं राज्य स्तरीय नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर बैठक में राज्य में चल रहे हरियाणा नशे विरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इस बैठक में भविष्य की कार्य-योजना तय की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी ज़िलों में अभियान समान रूप से लागू हो।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा नशे विरोधी अभियान के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने और उनके दुरुपयोग को कम करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें डेटा एनालिटिक्स, निगरानी प्रणाली और सूचना साझा करने के आधुनिक उपाय शामिल होंगे।
राज्य सरकार का उद्देश्य यह है कि हरियाणा नशे विरोधी अभियान केवल चेतावनी देने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावी कार्रवाई और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशे के मामलों में कमी लाई जा सके। अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों को अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी होगी और लगातार समीक्षा से अभियान की सफलता सुनिश्चित की जाएगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा नशे विरोधी अभियान की यह नई रणनीति न केवल राज्य में नशे की समस्या को कम करेगी बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। तकनीक आधारित उपाय और समन्वित कार्रवाई से नशीले पदार्थों के कारोबार और उनके सेवन पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।
इस प्रकार, हरियाणा नशे विरोधी अभियान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और युवाओं तथा समाज को नशे के खतरों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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