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‘बाला प्रीतम’ के चरणों में अनगिनत नमन: अरविंद केजरीवाल ने श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी के ज्योति-जोत दिवस पर दी श्रद्धांजलि

अरविंद केजरीवाल ने श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी के ज्योति-जोत दिवस पर श्रद्धांजलि दी, गुरु चरणों में नमन कर समस्त विश्व के उत्तम स्वास्थ्य की कामना।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज आठवें पातशाह, श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी के ज्योति-जोत दिवस के पावन अवसर पर अपनी गहरी श्रद्धा अर्पित की। उन्होंने ‘बाला प्रीतम’ के मानवता के प्रति किए गए निस्वार्थ सेवा और उनके दिव्य उपचार के संदेश को याद किया।

गुरु चरणों में अनगिनत प्रणाम

अपने संदेश में अरविंद केजरीवाल ने श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी के चरणों में शीश नवाते हुए विश्व शांति और लोक कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन हमें सिखाता है कि आयु नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण ही व्यक्ति को महान बनाता है।

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समस्त विश्व के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना

दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए, जहाँ गुरु साहिब ने चेचक जैसी महामारी के समय लोगों की सेवा की थी, अरविंद केजरीवाल ने प्रार्थना की:

“आठवें पातशाह श्री गुरु हरकृष्ण साहिब जी के ज्योति-जोत दिवस पर गुरु के चरणों में अनगिनत प्रणाम। मेरी प्रार्थना है कि गुरु साहब समस्त विश्व पर अपनी अपार कृपा बनाए रखें और हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य व खुशहाली का आशीर्वाद दें।”

मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

अरविंद केजरीवाल ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि उनकी सरकार के काम (जैसे मोहल्ला क्लीनिक और मुफ्त इलाज) गुरु साहिब के ‘सेवा भाव’ से प्रेरित हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि:

निस्वार्थ सेवा: गुरु साहिब ने स्वयं बीमार होकर भी दूसरों की पीड़ा हरी, जो निस्वार्थ भाव की पराकाष्ठा है।

दिल्ली से जुड़ाव: दिल्ली की धरती गुरु साहिब के चरणों से पवित्र हुई है, और उनका आशीर्वाद सदैव इस शहर पर बना रहता है।

सबका भला: ‘सरबत दा भला’ का विचार ही समाज के हर वर्ग के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है।

भक्तों को संदेश

अरविंद केजरीवाल ने सभी देशवासियों से अपील की कि वे गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलते हुए गरीबों और बीमारों की सेवा का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हम एक-दूसरे के प्रति दया और करुणा का भाव रखेंगे।

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