पंजाब में वित्तीय सुधार की लहर, हरपाल सिंह चीमा ने बताया जीएसटी संग्रह में 12.52% की वृद्धि, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मजबूत वित्तीय नीतियां।
पंजाब के वित्त, आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के राजस्व संग्रह में भारी उछाल दर्ज होने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब का वित्तीय बुनियादी ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है। केंद्र सरकार की ‘जीएसटी 2.0’ नीतिगत चुनौतियों के बावजूद, पंजाब ने कर संग्रह में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर एक मिसाल कायम की है।
जीएसटी संग्रह में 12.52% की शानदार सालाना वृद्धि
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शुद्ध वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में 12.52% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹26,601.12 करोड़ तक पहुंच गया है।
यह पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) के ₹23,642.08 करोड़ के मुकाबले ₹2,959.04 करोड़ अधिक है।
अकेले मार्च 2026 में ही राज्य ने 16.6% की भारी वृद्धि दर्ज करते हुए ₹2,231.93 करोड़ का शुद्ध जीएसटी संग्रह किया है।

मजबूत नेतृत्व और पारदर्शी शासन का परिणाम
हरपाल सिंह चीमा ने इस ऐतिहासिक राजस्व वृद्धि का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार की ईमानदार और पारदर्शी नीतियों को दिया है।
“यह वृद्धि पंजाब सरकार के मजबूत वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक सुधार को दर्शाती है। केंद्र की जीएसटी 2.0 नीतियों से पैदा हुई शुरुआती रुकावटों के बाद भी, पंजाब ने बेहतरीन लचीलापन और चपलता दिखाई है।”
चीमा ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए उन्नत तकनीक (डेटा एनालिटिक्स) का सहारा लिया है और ईमानदार करदाताओं का पूरा समर्थन किया है। जहां देश के कई बड़े राज्य नकारात्मक राजस्व वृद्धि से जूझ रहे हैं, वहीं पंजाब एक ‘वेलफेयर स्टेट’ के रूप में अपनी सब्सिडी व्यवस्था को बिना प्रभावित किए आर्थिक रूप से लगातार आगे बढ़ रहा है।
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