वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026: क्यों खास है यह शिवरात्रि? 15 अप्रैल को बन रहा दुर्लभ संयोग
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 पर बन रहा दुर्लभ संयोग। 15 अप्रैल को शिव पूजा से मिलेंगे शुभ फल और जीवन में सुख-समृद्धि।
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 इस बार शिव भक्तों के लिए बेहद खास मानी जा रही है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 15 अप्रैल को मनाई जाएगी, जब एक दुर्लभ बुध प्रदोष और शिवरात्रि का महासंयोग बन रहा है। यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 की तिथि और महत्व
इस वर्ष कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 अप्रैल 2026 की रात 10:32 बजे शुरू होकर 16 अप्रैल की रात 8:12 बजे समाप्त होगी। इसी कारण वैशाख मासिक शिवरात्रि 2026 का व्रत 15 अप्रैल को रखा जाएगा। शिव भक्तों के लिए यह रात्रि भगवान शिव की आराधना का सर्वोत्तम समय माना जाता है।
ALSO READ:- वैशाख अमावस्या 2026 पर करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगा…
दुर्लभ बुध प्रदोष और शिवरात्रि महासंयोग
इस बार की वैशाख मासिक शिवरात्रि इसलिए विशेष है क्योंकि यह बुध प्रदोष व्रत के साथ पड़ रही है। जब प्रदोष और चतुर्दशी तिथि एक साथ आती हैं, तो इसे अत्यंत शुभ महासंयोग माना जाता है। इस दिन पूजा करने से दोगुना पुण्य फल प्राप्त होता है।
धार्मिक महत्व
वैशाख माह को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। वैशाख मासिक शिवरात्रि पर की गई पूजा और व्रत का कई गुना फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पूजा विधि
इस दिन सुबह व्रत का संकल्प लें और दिनभर फलाहार करें। रात्रि में वैशाख मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की विधिवत पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और शहद अर्पित करें तथा “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
व्रत का फल
मान्यता है कि वैशाख मासिक शिवरात्रि पर किया गया व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। अविवाहित लोगों को योग्य जीवनसाथी मिलता है, जबकि विवाहित जीवन में प्रेम और स्थिरता बढ़ती है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



