PM मोदी करेंगे पहले CAPF नेतृत्व सम्मेलन की अध्यक्षता: आंतरिक सुरक्षा और नई चुनौतियों पर होगा मंथन
पीएम मोदी मई में पहले CAPF नेतृत्व सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। दिल्ली में होने वाले इस इवेंट में आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और सुरक्षा बलों के भविष्य पर चर्चा होगी।
भारत की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 में CAPF नेतृत्व सम्मेलन (CAPF Leadership Conference) की अध्यक्षता करेंगे। यह अपनी तरह का पहला आयोजन है, जिसे दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश की “बदलती और गतिशील” आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना है।
सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित होगा सम्मेलन
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस दो दिवसीय CAPF नेतृत्व सम्मेलन की योजना इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि यह आयोजन अब हर साल आयोजित किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) का वार्षिक सम्मेलन होता है। इस CAPF नेतृत्व सम्मेलन में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के साथ-साथ CAPF कैडर के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे।
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शीर्ष नेतृत्व की रहेगी मौजूदगी
इस प्रस्तावित सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और प्रमुख खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के भी शामिल होने की संभावना है।
भारत के पांच प्रमुख CAPF— CRPF, BSF, ITBP, CISF और SSB—जिनकी कुल जनशक्ति लगभग 10 लाख है, उनके लिए यह CAPF नेतृत्व सम्मेलन एक एकीकृत मंच प्रदान करेगा। ये बल सीमा सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद विरोधी अभियानों जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देते हैं।
तालमेल और रणनीति पर जोर
सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य विभिन्न आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक “एकीकृत” दृष्टिकोण विकसित करना है। CAPF नेतृत्व सम्मेलन के माध्यम से राज्य पुलिस बलों और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय (Synchronization) बिठाने पर चर्चा होगी। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति बलों की प्रतिक्रिया को और अधिक सटीक और “मजबूत” बनाने का माध्यम बनेगी।
नए कानून और कैडर विवाद के बीच आयोजन
दिलचस्प बात यह है कि यह CAPF नेतृत्व सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में केंद्र सरकार ने ‘केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026’ पारित किया है। जहां सरकार इसे एक बेहतर कानूनी ढांचे के रूप में देख रही है, वहीं बलों के कैडर अधिकारी अपनी पदोन्नति और IPS प्रतिनियुक्ति को लेकर कुछ विरोध जता रहे हैं। सम्मेलन के दौरान इन प्रशासनिक चुनौतियों और नीतिगत मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
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