लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण 2026 पर CM भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। जानें उनके बयान और महिला आरक्षण पर प्रतिक्रिया की पूरी जानकारी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्तावित जनसंख्या जनगणना और लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अहम फैसले राजनीतिक लाभ के आधार पर नहीं होने चाहिए, बल्कि सभी राज्यों के लिए समान और पारदर्शी नियम लागू किए जाने चाहिए।
लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण 2026 पर राजनीतिक विवाद
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण 2026 की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की राजनीतिक मंशा नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जनसंख्या के आधार पर सीटों का निर्धारण किया जाता है तो यह देश की संघीय व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण 2026 में सभी राज्यों को समान अवसर मिलना चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव न हो।
ਸਿਆਸੀ ਲਾਹਿਆਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਜਨਸੰਖਿਆ ਗਣਨਾ ਅਤੇ ਲੋਕ ਸਭਾ ਸੀਟਾਂ ‘ਚ ਤਬਦੀਲੀ!
ਜਨਸੰਖਿਆ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਵੋਟਾਂ ਪੱਕੀਆਂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸੰਘੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਸੱਟ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵਿਆਪਕ ਰਣਨੀਤੀ ਵਿਚਾਰ-ਚਰਚਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਹਮਣੇ ਆਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜਿੱਥੋਂ ਤੱਕ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਰਾਖਵਾਂਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ, ਭਾਜਪਾ ਇਹੀ… pic.twitter.com/ZnfcltV3YV
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 16, 2026
महिला आरक्षण पर भी उठाए सवाल
महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए CM मान ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहती है, तो इसे सभी 543 लोकसभा सीटों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण और संबंधित नीतियों में पारदर्शिता जरूरी है ताकि किसी भी तरह का असंतुलन न हो।
समान मानदंड की मांग
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण के लिए एक स्थायी और समान राष्ट्रीय मानदंड होना चाहिए, जो सभी राज्यों पर बराबरी से लागू हो।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और संघीय ढांचे को मजबूत रखने के लिए यह आवश्यक है कि लोकसभा सीट पुनर्निर्धारण प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
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