राज्यगुजरात

डोर-टू-डोर अभियान: नर्मदा में चैतर वसावा ने संभाली कमान, स्थानीय चुनावों के लिए गरुड़ेश्वर में बढ़ी सरगर्मी

डोर-टू-डोर अभियान के जरिए नर्मदा में चैतर वसावा ने तेज की चुनावी तैयारी। गरुड़ेश्वर तालुका में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर AAP ने घर-घर जाकर मांगा समर्थन।

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर अपनी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में नर्मदा जिले के गरुड़ेश्वर तालुका में आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा एक व्यापक डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है। डेडियापाडा से विधायक और पार्टी के दिग्गज नेता चैतर वसावा ने खुद इस अभियान का नेतृत्व करते हुए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करनी शुरू कर दी है।

स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित है यह डोर-टू-डोर अभियान

आगामी स्थानीय स्वशासन चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए आम आदमी पार्टी अब व्यक्तिगत जनसंपर्क की रणनीति पर काम कर रही है। विधायक चैतर वसावा के नेतृत्व में आयोजित इस डोर-टू-डोर अभियान का मुख्य उद्देश्य गरुड़ेश्वर तालुका के ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को समझना है। अभियान के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सीधा संवाद किया।

also read:- इसुदान गढ़वी: लोकशाही की हत्या समान घटना के बाद उसकी…

कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के साथ घर-घर पहुंचे नेता

इस डोर-टू-डोर अभियान में विधायक चैतर वसावा के साथ नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा और जिला व तालुका पंचायत के संभावित उम्मीदवार भी शामिल रहे। नेताओं और कार्यकर्ताओं की संयुक्त टोलियों ने गरुड़ेश्वर के गांवों में जाकर प्रत्येक परिवार से भेंट की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह डोर-टू-डोर अभियान जनता का भरोसा जीतने का सबसे सशक्त माध्यम बन रहा है, क्योंकि इससे मतदाताओं के मन की बात सीधे नेतृत्व तक पहुँच रही है।

चुनावी तैयारी और संगठनात्मक मजबूती

AAP नेताओं का मानना है कि केवल रैलियों और सभाओं से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसलिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को इस डोर-टू-डोर अभियान के जरिए सक्रिय किया गया है। पार्टी का लक्ष्य है कि मतदान से पहले हर घर तक पहुँच बनाई जाए और ‘आप’ की नीतियों को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जाए।

गरुड़ेश्वर तालुका में बदली चुनावी फिजा

गरुड़ेश्वर में चैतर वसावा की सक्रियता और इस सघन डोर-टू-डोर अभियान ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि जमीनी स्तर पर चल रहा यह जनसंपर्क आने वाले स्थानीय स्वशासन चुनावों में अन्य पारंपरिक दलों के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकता है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button