मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन को संबोधित किया। हरियाणा के 1479 संस्थान गुणवत्ता मानकों पर प्रमाणित। पूरी खबर पढ़ें।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में आयोजित “स्वास्थ्य क्षेत्र की अनुकरणीय पहलों” पर आधारित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत की। इस सम्मेलन में देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने हरियाणा द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए क्रांतिकारी बदलावों और भविष्य के रोडमैप को साझा किया।
स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचारों के लिए एक बड़ा मंच
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह राष्ट्रीय मंच देश में स्वास्थ्य सेवाओं और नए नवाचारों (Innovations) को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाकर ही हम अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुँचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में स्पष्ट किया: “यह मंच देश में स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारी सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि उसे विश्व स्तरीय बनाना है।”
also read:- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला धानक समाज का प्रतिनिधिमंडल; संत कबीर दास प्रकट दिवस समारोह का मिला न्यौता
गुणवत्ता और मानकों पर हरियाणा का फोकस: नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ने न केवल स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या में भारी वृद्धि की है, बल्कि उनकी गुणवत्ता (Quality) सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि राज्य के 1479 स्वास्थ्य संस्थान अब राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (NQAS) के तहत प्रमाणित हो चुके हैं। यह प्रमाणन इस बात का प्रतीक है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों और केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और इलाज अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति
स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा की प्रगति का जिक्र करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दर में भी सुधार हुआ है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) में वृद्धि हुई है और शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आई है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



