रबी विपणन सीजन 2026-27 में गेहूं खरीद मानकों में छूट से किसानों को राहत, लस्टर लॉस 70% तक बढ़ा, असमय वर्षा प्रभावित फसल को मिलेगा उचित मूल्य।
रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद मानकों में विशेष छूट देकर किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय बताया है।
सरकार के इस कदम से उन किसानों को सीधा लाभ मिलेगा जिनकी फसल असमय वर्षा और मौसम की अनिश्चितताओं के कारण प्रभावित हुई है। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है।
फसल नुकसान को देखते हुए मानकों में ढील| रबी विपणन सीजन 2026-27
असमय बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने खरीद मानकों में ढील दी है। नए प्रावधानों के अनुसार:
- लस्टर लॉस (चमक में कमी) की सीमा बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दी गई है।
- सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।
- क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक तय की गई है।
इन बदलावों से प्रभावित किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी।
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किसानों के हित में बड़ा कदम
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि मौसम की मार झेल रहे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उनकी मेहनत व्यर्थ न जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
इस राहत से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। खरीद मानकों में ढील से मंडियों में अधिक मात्रा में गेहूं की आवक संभव होगी, जिससे बाजार में संतुलन बना रहेगा।
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