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हुल दिवस पर पीएम मोदी ने संथाल वीरों को दी श्रद्धांजलि, 1855 के विद्रोह को बताया साहस का प्रतीक

पीएम मोदी ने हुल दिवस पर संथाल विद्रोह के वीरों को श्रद्धांजलि दी, 1855 के संघर्ष को आदिवासी साहस और बलिदान का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘हुल दिवस’ के अवसर पर संथाल विद्रोह के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दिन देश के आदिवासी समाज की अद्भुत वीरता और मातृभूमि के लिए बलिदान की भावना का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कहा कि ‘हुल दिवस’ हमें उस साहसिक इतिहास की याद दिलाता है जब 1855 में संथाल समुदाय ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी।

उन्होंने महान संथाल नायकों सिदो और कान्हू मुर्मू, चांद और भैरव मुर्मू, तथा वीरांगनाओं फूलो और झानो को श्रद्धापूर्वक नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन सभी वीरों ने विदेशी शासन के अत्याचारों के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर इतिहास रचा।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि संथाल विद्रोह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने 1857 के विद्रोह से भी पहले औपनिवेशिक शासन के खिलाफ प्रतिरोध की मजबूत नींव रखी थी।

उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज के संघर्ष और बलिदान की यह गाथा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी और देश में आत्मसम्मान, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करेगी।

1855 का संथाल विद्रोह झारखंड और चोटानागपुर क्षेत्र में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन था, जिसे बाद में ब्रिटिश सेना द्वारा दबा दिया गया, जिसमें हजारों आदिवासी वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

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