उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026: बीजेपी के आठ उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन, सभी 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव के आसार
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में बीजेपी के आठ उम्मीदवारों ने योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया, सभी 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव के आसार।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी तस्वीर अब लगभग स्पष्ट हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 के तहत भारतीय जनता पार्टी के आठ उम्मीदवारों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। मौजूदा समीकरणों को देखते हुए सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा के आठों प्रत्याशियों ने निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष नामांकन पत्र जमा किए। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
भाजपा के आठ उम्मीदवारों ने दाखिल किया पर्चा
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए आठ नामों पर दांव लगाया है। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग से विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं ब्राह्मण समुदाय से राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडे तथा क्षत्रिय समुदाय से राम प्रताप सिंह चौहान को टिकट दिया गया है।
निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा ने बताया कि सभी आठ उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के दो-दो सेट दाखिल किए। प्रत्येक सेट के साथ प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों के हस्ताक्षर भी लगाए गए।
सपा के दो उम्मीदवार पहले ही कर चुके हैं नामांकन
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
पहले ऐसी चर्चा थी कि समाजवादी पार्टी चुनाव में मुकाबला बनाए रखने के लिए तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस अटकल पर स्थिति स्पष्ट कर दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि अब पार्टी का ध्यान तीन सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली में हैं।
ब्रजेश पाठक ने सपा पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा के तीसरे उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में हार स्वीकार कर ली है।
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। यदि अंतिम समय में कोई नया उम्मीदवार सामने नहीं आता है या मौजूदा उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेते हैं, तो सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो सकता है।
ढोल-नगाड़ों के बीच नामांकन के लिए पहुंचे उम्मीदवार
भाजपा के सभी उम्मीदवार पहले विधानसभा के सामने स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद सभी प्रत्याशी उत्साहपूर्ण माहौल में नामांकन दाखिल करने के लिए निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे।
नामांकन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन में अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
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दो महिलाओं को भी मिला प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा की सूची में दो महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है। पार्टी के इस चयन को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
उम्मीदवारों की सूची से यह संकेत भी मिलता है कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरणों पर व्यापक मंथन किया है। पार्टी ने पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए मॉडल पर उठाए सवाल
नामांकन दाखिल करने के बाद प्रकाश पाल ने भाजपा के उम्मीदवार चयन का बचाव करते हुए समाजवादी पार्टी के पीडीए मॉडल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही वास्तव में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को सम्मान और प्रतिनिधित्व दे रही है।
उन्होंने सपा के पीडीए विमर्श को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
धर्मपाल सिंह को मौका, हरदीप सिंह पुरी का नाम बाहर
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा की सूची सामने आने के बाद धर्मपाल सिंह के नाम को लेकर भी चर्चा हुई। उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर मौका दिया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को इस सूची में जगह नहीं मिली।
अब सभी की नजर नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण पर है। उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में यदि कोई नया उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है और नामांकन वापस लेने की स्थिति नहीं बनती है, तो राज्य की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना मजबूत हो जाएगी।
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