AAP ने दिल्ली चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कथित वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और हटाए गए वोट बहाल करने व ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कश्मीरी गेट स्थित चुनाव अधिकारी कार्यालय के बाहर पहुंचे और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।
प्रदर्शन में AAP विधायक संजीव झा, जरनैल सिंह और कुलदीप कुमार भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और दिल्ली में कथित तौर पर हटाए गए वोटों को बहाल करने की मांग की।
सौरभ भारद्वाज ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP नेताओं को हराने के लिए मतदाता सूची से वोट हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में करीब 1.45 लाख वोट थे, जिनमें से लगभग 45 हजार वोट हटाए गए और वह करीब 4 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गए।
भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली में कथित वोटों के विलोपन का मामला अब देश के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच रहा है। उन्होंने SIR के नाम पर दिल्ली में बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया।
AAP नेता ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके वोट बहाल किए जाने चाहिए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुलिस हिंसा न करे’
सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण है तो पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि AAP ने 2 अक्टूबर, 3 अक्टूबर और 4 अक्टूबर को हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शनों में भी हिस्सा लिया था। भारद्वाज के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
भारद्वाज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को दूर करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस से मतभेद पर भी बोले सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बुधवार को CEO कार्यालय के बाहर आयोजित प्रदर्शन में AAP को वाम दलों की ओर से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि AAP और उसके छात्र संगठन ने पहले भी चुनावी मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।
उन्होंने कहा कि AAP ऐसे सभी प्रदर्शनों का समर्थन करती है, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना है। इसी क्रम में पार्टी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है।
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संजीव झा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
बुराड़ी से AAP विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि 2025 में दिल्ली में बनी सरकार कथित तौर पर AAP समर्थकों के वोट हटाए जाने के कारण सत्ता में आई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि संस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संजीव झा ने कहा कि कथित वोट चोरी का मुद्दा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है और इसे देशभर में उठाया जाएगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि AAP की ओर से 10 अक्टूबर को इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन का आह्वान किया गया है।
जरनैल सिंह और कुलदीप कुमार ने भी साधा निशाना
AAP विधायक जरनैल सिंह ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की मौजूदा राजनीतिक स्थिति कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़ी है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
वहीं, AAP विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग दिल्ली चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर जुटे हैं और पार्टी अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगी।
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि लोगों के वोटों से जुड़े कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए।
AAP ने जारी रखने का किया ऐलान
AAP का यह प्रदर्शन दिल्ली में मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
AAP नेताओं ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता बरतने और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर जवाब देने की मांग की है। वहीं, पार्टी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक अभियान जारी रहेंगे।
इस तरह वोट चोरी का आरोप दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गया है। AAP जहां चुनाव आयोग से जवाबदेही और कथित तौर पर हटाए गए वोटों की बहाली की मांग कर रही है, वहीं इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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