हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए? डॉक्टर ने बताया सही वजन का तरीका
हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए? डॉक्टर ने BMI और लंबाई के आधार पर सही वजन समझाया, साथ ही कम या ज्यादा वजन के स्वास्थ्य जोखिम बताए।
आज की बदलती लाइफस्टाइल में बढ़ता वजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। मोटापा केवल शरीर के आकार से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं समेत कई मेटाबॉलिक बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए और क्या केवल वजन देखकर किसी व्यक्ति की सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. अनुपम बिस्वास के अनुसार, किसी व्यक्ति का स्वस्थ वजन निर्धारित करने के लिए केवल वजन मशीन पर दिखाई देने वाला आंकड़ा पर्याप्त नहीं है। इसमें लंबाई, उम्र, मांसपेशियों की मात्रा, शरीर में फैट और कमर के आसपास जमा चर्बी जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए?
किसी व्यक्ति का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में है या नहीं, इसका एक सामान्य आकलन BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स के जरिए किया जाता है। BMI निकालने के लिए वजन को किलोग्राम में और लंबाई को मीटर में लिया जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की लंबाई 1.65 मीटर है, तो इसे खुद से गुणा किया जाएगा। यानी 1.65 × 1.65 = 2.72। इसके बाद वजन को 2.72 से भाग देकर BMI निकाला जा सकता है।
इस तरह हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए, इसका एक अनुमान BMI की सामान्य सीमा के आधार पर लगाया जा सकता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए बिल्कुल निश्चित वजन नहीं बताता।
अलग-अलग लंबाई के लिए अनुमानित वजन
दिए गए स्वास्थ्य संदर्भ के अनुसार कुछ लंबाइयों के लिए वजन की अनुमानित सीमा इस प्रकार बताई गई है:
150 सेमी: लगभग 42 से 56 किलोग्राम
155 सेमी: लगभग 44 से 60 किलोग्राम
160 सेमी: लगभग 47 से 64 किलोग्राम
165 सेमी: लगभग 50 से 68 किलोग्राम
170 सेमी: लगभग 53 से 72 किलोग्राम
ध्यान रखें कि ये आंकड़े केवल एक सामान्य अनुमान हैं। हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए, इसका जवाब व्यक्ति की उम्र, जेंडर, मांसपेशियों, शरीर में फैट और कमर की चर्बी जैसे दूसरे कारकों पर भी निर्भर करता है।
केवल BMI से पूरी सेहत का पता नहीं चलता
BMI वजन और लंबाई के बीच संबंध बताने का एक आसान तरीका है, लेकिन इसे किसी व्यक्ति की संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता। खासकर भारतीय और दक्षिण एशियाई लोगों में कम BMI होने के बावजूद पेट और कमर के आसपास अतिरिक्त फैट जमा होने का जोखिम देखा जाता है।
पेट के आसपास अधिक चर्बी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर तथा हृदय रोग जैसी समस्याओं के जोखिम से जुड़ी हो सकती है। इसलिए वजन के साथ कमर की माप और शरीर में फैट के वितरण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
also read:- कोलेस्ट्रॉल कम करने के आसान घरेलू उपाय: इन आयुर्वेदिक…
बहुत कम वजन भी हो सकता है नुकसानदायक
जहां अधिक वजन स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है, वहीं जरूरत से कम वजन भी शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता। शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर मांसपेशियों का नुकसान हो सकता है। इससे कमजोरी, कम स्टैमिना और जल्दी थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
कम पोषण की स्थिति में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
ज्यादा वजन से बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा
शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने पर मेटाबॉलिक सिस्टम प्रभावित हो सकता है। इससे शरीर में इंसुलिन के इस्तेमाल की क्षमता प्रभावित हो सकती है और ब्लड शुगर बढ़ने का जोखिम हो सकता है।
अधिक वजन हृदय पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसके अलावा शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने से लिवर पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए स्वस्थ वजन बनाए रखना लंबे समय के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वजन नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?
हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए, यह जानने के साथ-साथ व्यक्ति को अपनी पूरी हेल्थ प्रोफाइल पर ध्यान देना चाहिए। संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और स्वस्थ लाइफस्टाइल वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।
अगर वजन तेजी से बढ़ रहा है या घट रहा है, कमर के आसपास अधिक फैट है या डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं मौजूद हैं, तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



