पंजाब सरकार की मेरी दुकान, मेरे नाम योजना से पात्र दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक। आवेदन की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 है।
पंजाब सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए ‘मेरी दुकान, मेरे नाम’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अंतर्गत किराये या लीज पर दुकान चलाने वाले पात्र दुकानदार मालिकाना हक पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान योजना की जानकारी दी।
सरकार के अनुसार, जिन दुकानदारों के पास 1 अप्रैल 2020 से पहले कम से कम 12 वर्षों तक दुकान पर वैध कब्जे के दस्तावेजी प्रमाण हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
क्या है ‘मेरी दुकान, मेरे नाम’ योजना?
मेरी दुकान, मेरे नाम योजना का उद्देश्य पात्र दुकानदारों को उनकी किराये या लीज पर चल रही दुकानों का मालिकाना हक प्राप्त करने का अवसर देना है। इसके दायरे में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में आने वाली योग्य दुकानें शामिल होंगी।
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। आवेदनों की जांच एसडीएम स्तर की समिति करेगी, जबकि दुकानों की कीमत निर्धारित करने की जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर (DC) स्तर की समिति को दी गई है। इसके बाद संबंधित स्थानीय निकाय आवश्यक प्रस्ताव पारित करेंगे।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक दुकानदारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा और अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
दुकान के मालिकाना हक के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ उन्हीं दुकानदारों को मिल सकेगा, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। आवेदन करने के लिए दुकान पर 1 अप्रैल 2020 से पहले कम से कम 12 साल का वैध कब्जा होना जरूरी है।
सरकार ने दस्तावेजों की प्रक्रिया को आसान रखने की बात कही है। दुकानदार अपने कब्जे के प्रमाण के रूप में जीएसटी प्रमाणपत्र, बिजली बिल और वोटर कार्ड जैसे वैध दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
हालांकि, हर किरायेदार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सब-टेनेंट यानी दूसरे किरायेदार से दुकान लेकर कारोबार करने वाले लोग इसके लिए पात्र नहीं होंगे। इसी तरह पार्कों, सड़कों या सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित जमीन पर बनी दुकानों और संरचनाओं को भी इस योजना के तहत नियमित नहीं किया जाएगा।
दुकानदारों को कितना देना होगा पैसा? जानें आय के हिसाब से दरें
मेरी दुकान, मेरे नाम योजना के तहत दुकान के लिए भुगतान की राशि आवेदक की सालाना आय के आधार पर तय होगी। सरकार ने अलग-अलग आय वर्गों के लिए कलेक्टर रेट का अलग प्रतिशत निर्धारित किया है।
ये रियायती दरें 50 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली दुकानों पर लागू होंगी। इसलिए आवेदन करने से पहले दुकानदारों को अपनी सालाना आय, दुकान के आकार और संबंधित स्थानीय निकाय से लागू दरों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
6 नवंबर 2026 तक जमा कर सकते हैं आवेदन
पंजाब सरकार ने योजना के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 तय की है। इच्छुक दुकानदार अपने संबंधित नगर निगम या नगर परिषद कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। योजना के दायरे में आने वाले अन्य स्थानीय निकायों से भी पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि की जा सकती है।
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आवेदन मिलने के बाद संबंधित समितियां दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेंगी। दुकान की कीमत तय होने और जरूरी स्थानीय निकाय प्रस्ताव पारित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
दुकानदारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन जमा करने से पहले अपने कब्जे से जुड़े प्रमाण, पहचान संबंधी दस्तावेज और आय से जुड़े जरूरी कागजात तैयार रखें।
हरजोत सिंह बैंस ने इसे बताया व्यापारियों के लिए दिवाली का तोहफा
योजना की घोषणा करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छोटे दुकानदारों को कानूनी सुरक्षा, सम्मान और मालिकाना हक का अवसर देना है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान व्यापारियों से कई वादे किए गए, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया।
बैंस के मुताबिक, मौजूदा सरकार ने कई महीनों तक योजना पर काम करने के बाद इसे तैयार किया है। उन्होंने इसे राज्य के व्यापारिक समुदाय के लिए दिवाली का तोहफा बताते हुए कहा कि सरकार छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेरी दुकान, मेरे नाम योजना के लागू होने से पात्र दुकानदारों को अपनी दुकानों पर मालिकाना हक हासिल करने का रास्ता मिल सकता है। हालांकि, इसका लाभ केवल निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही मिलेगा।
छोटे व्यापारियों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
किराये या लीज पर दुकान चलाने वाले कई दुकानदार लंबे समय से अपने कारोबार के लिए स्थायी कानूनी सुरक्षा की मांग करते रहे हैं। ऐसे में मेरी दुकान, मेरे नाम योजना के तहत पात्रता पूरी करने वाले दुकानदारों को स्वामित्व प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
आय के आधार पर भुगतान की अलग-अलग दरें तय करने से कम आय वाले पात्र दुकानदारों को अपेक्षाकृत कम राशि का भुगतान करना होगा। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए वैध कब्जे का प्रमाण, दुकान के क्षेत्रफल और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है।
दुकानदारों को अंतिम तारीख का ध्यान रखते हुए 6 नवंबर 2026 से पहले संबंधित स्थानीय निकाय कार्यालय में संपर्क करना चाहिए, ताकि वे योजना की पात्रता और आवेदन से जुड़ी जानकारी समय पर प्राप्त कर सकें।
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