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रणजी ट्रॉफी में रवींद्र जडेजा का धमाका, 102 रन की शतकीय पारी से सौराष्ट्र ने बनाए 392 रन

रवींद्र जडेजा ने रणजी ट्रॉफी में 102 रन का शतक लगाया। प्रेरक मांकड़ के 129 रन की मदद से सौराष्ट्र ने पहली पारी में 392 रन बनाए।

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ दिया है। रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए जडेजा ने मुश्किल परिस्थितियों में अहम पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। उनके अलावा प्रेरक मांकड़ ने भी शतकीय पारी खेलकर विपक्षी गेंदबाजों को चुनौती दी। दोनों बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत सौराष्ट्र ने अपनी पहली पारी में 392 रन बनाए।

रवींद्र जडेजा का रणजी ट्रॉफी में शतक घरेलू क्रिकेट में उनके अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है। इस मुकाबले में जडेजा ने न केवल रन बनाए, बल्कि अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई। दिलचस्प बात यह रही कि शतक पूरा करने के बाद उन्हें उनके पुराने साथी धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने आउट किया।

सौराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच मुकाबला

रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप बी में सौराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की टीमें आमने-सामने हैं। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सौराष्ट्र ने अपनी पहली पारी में 392 रन बनाए। टीम के लिए रवींद्र जडेजा और प्रेरक मांकड़ ने शतक लगाए, जबकि चिराग जानी ने भी उपयोगी पारी खेली।

सौराष्ट्र की बल्लेबाजी में इन तीनों खिलाड़ियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। जहां जडेजा ने पारी को संभाला, वहीं प्रेरक मांकड़ ने आक्रामक अंदाज में रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।

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रवींद्र जडेजा ने 209 गेंदों पर बनाए 102 रन

रवींद्र जडेजा का रणजी ट्रॉफी में शतक उनकी शानदार बल्लेबाजी का प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने 209 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन बनाए। अपनी पारी में जडेजा ने सात चौके लगाए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना 16वां शतक पूरा किया।

जडेजा ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए सौराष्ट्र की पारी को मजबूती दी। उनके आउट होने के साथ ही टीम की पहली पारी समाप्त हो गई। उन्हें धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने पवेलियन भेजा।

घरेलू क्रिकेट में जडेजा का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

प्रेरक मांकड़ ने भी जड़ा शतक

सौराष्ट्र की ओर से प्रेरक मांकड़ ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने 150 गेंदों पर 129 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। मांकड़ ने लगातार रन बनाते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया।

जडेजा और मांकड़ के शतकों ने सौराष्ट्र की पहली पारी को मजबूत आधार दिया। दोनों बल्लेबाजों ने अलग-अलग अंदाज में खेलते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

चिराग जानी ने भी दिया अहम योगदान

सौराष्ट्र की पारी में चिराग जानी तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे। उन्होंने 148 गेंदों पर 83 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और तीन छक्के निकले।

जडेजा, मांकड़ और जानी की पारियों की मदद से सौराष्ट्र 392 रन तक पहुंचने में सफल रहा। इन तीन बल्लेबाजों के अलावा टीम का कोई अन्य खिलाड़ी अर्धशतक नहीं लगा सका, लेकिन शीर्ष क्रम और मध्यक्रम के अहम योगदान ने टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर दिलाया।

छत्तीसगढ़ की ओर से देव आदित्य सिंह ने लिए पांच विकेट

छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों में देव आदित्य सिंह ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने 24 ओवर में 67 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी ने सौराष्ट्र के बल्लेबाजों को चुनौती दी और टीम को नियमित अंतराल पर सफलता दिलाई।

इसके अलावा रुद्र प्रताप और धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि संदीप वॉरियर को एक सफलता मिली।

अब छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी पर नजर

सौराष्ट्र के 392 रन बनाने के बाद मुकाबले में छत्तीसगढ़ की पहली पारी अहम होगी। टीम की कोशिश होगी कि वह मजबूत शुरुआत करे और सौराष्ट्र के स्कोर के करीब पहुंचे या उससे आगे निकलने की स्थिति बनाए।

रवींद्र जडेजा का रणजी ट्रॉफी में शतक इस मुकाबले की सबसे बड़ी सुर्खियों में से एक रहा। उनके 102 रन, प्रेरक मांकड़ के 129 रन और चिराग जानी की 83 रन की पारी ने सौराष्ट्र को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। अब मैच का रुख छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी और सौराष्ट्र के गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

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