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बंगला साहिब जूता विवाद अकाल तख्त पहुंचा, AAP ने की कार्रवाई की मांग; विधायक ने लगाया भेदभाव का आरोप

बंगला साहिब जूता विवाद अकाल तख्त पहुंचा। AAP ने कार्रवाई की मांग की, वहीं विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।

दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में कथित तौर पर जूते पहनकर प्रवेश करने का मामला अब श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने इस घटना को सिख धार्मिक परंपराओं के उल्लंघन से जुड़ा मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों और नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को ज्ञापन सौंपा।

बंगला साहिब जूता विवाद को लेकर AAP नेताओं का कहना है कि गुरुद्वारे में प्रवेश करते समय सिख धार्मिक मर्यादाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इसी बीच, पायल से AAP विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से संबंध रखने के कारण उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

बंगला साहिब में कथित घटना पर AAP ने सौंपा ज्ञापन

AAP नेताओं के मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे कुछ विद्यार्थी गुरुद्वारा बंगला साहिब में पहुंचे थे। आरोप है कि उनके पीछे आए पुलिसकर्मियों ने जूते पहने हुए ही गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश किया। इस घटना पर पार्टी नेताओं ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक मर्यादाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को ज्ञापन सौंपकर मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की अपील की।

पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुई। हालांकि, गृह मंत्री की कथित भूमिका से जुड़े इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और तथ्यों की जांच जरूरी है।

बंगला साहिब जूता विवाद के बीच AAP नेताओं ने धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि गुरुद्वारों में प्रवेश के दौरान निर्धारित धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए।

विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप

ज्ञापन सौंपने के दौरान एक और मामला सामने आया। पायल से AAP विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

ग्यासपुरा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखने के कारण उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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जब इस मामले को लेकर डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सचिवालय से संपर्क करने का सुझाव दिया।

इस आरोप पर श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कई AAP विधायक और नेता प्रतिनिधिमंडल में हुए शामिल

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में AAP के कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल थे। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर — अमृतसर दक्षिण के विधायक

बलजिंदर कौर — कैबिनेट रैंक धारक

करमबीर सिंह घुम्मन — दसूहा के विधायक

जसवीर सिंह राजा — उरमर के विधायक

गुर इकबाल सिंह महल — कादियां के विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी

हरमीत सिंह संधू — तरनतारन के विधायक

कुलदीप सिंह धालीवाल — AAP के मुख्य प्रवक्ता और अजनाला के विधायक

गुरदीप सिंह रंधावा — डेरा बाबा नानक के विधायक

जीवनजोत कौर — अमृतसर पूर्व की विधायक

कुलवंत सिंह पंडोरी — महल कलां के विधायक

सरवन सिंह धुन — खेमकरण के विधायक

कुलवंत सिंह ग्यासपुरा — लुधियाना के विधायक

दलवीर सिंह टुंग — बाबा बकाला के विधायक

सोनिया मान — राजा सांसी विधानसभा क्षेत्र की प्रभारी

अंगदिप सिंह — तरनतारन जिला अध्यक्ष और जिला परिषद के चेयरमैन

मनजिंदर सिंह लालपुरा — खडूर साहिब के विधायक

जसविंदर सिंह रामदास — अटारी के विधायक

प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक परंपराओं से जुड़े कथित उल्लंघन पर संबंधित धार्मिक प्राधिकरण से हस्तक्षेप करने की मांग की।

अकाल तख्त साहिब के आधिकारिक बयान का इंतजार

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गुरुद्वारा बंगला साहिब की कथित घटना और विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बंगला साहिब जूता विवाद अब धार्मिक मर्यादा के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कथित भूमिका और विधायक के साथ हुए व्यवहार से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि श्री अकाल तख्त साहिब इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है या संबंधित पक्षों से जानकारी मांगता है। फिलहाल, AAP ने कथित घटना पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।

बंगला साहिब जूता विवाद ने धार्मिक स्थलों की मर्यादा, परंपराओं के सम्मान और आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को चर्चा में ला दिया है।

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