राज्यदिल्ली

संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, दिल्ली में ‘अघोषित आपातकाल’ लगाने का लगाया आरोप

संजय सिंह ने दिल्ली में अघोषित आपातकाल का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने जंतर-मंतर की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों, महिलाओं, वकीलों और युवाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को दिल्ली में अघोषित आपातकाल बताते हुए कहा कि सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह के साथ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, वरिष्ठ नेता गोपाल राय और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा भी मौजूद रहे। AAP नेताओं ने हिरासत में लिए गए लोगों के साथ कथित व्यवहार, सार्वजनिक परिवहन पर लगी पाबंदियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को लेकर सवाल उठाए।

संजय सिंह बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहा हमला

संजय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने दावा किया कि युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों और वरिष्ठ वकीलों को जबरन हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार पर सवाल खड़े होते हैं।

AAP सांसद ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के कई नेताओं और अन्य राजनीतिक हस्तियों को हिरासत में रखा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि ट्रेन और मेट्रो सेवाएं बंद नहीं की जातीं, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचते।

संजय सिंह ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश के युवा इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बनाकर सरकार जनता के असंतोष को खत्म नहीं कर सकती।

महिलाओं और पत्रकारों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला आंदोलनकारियों और पत्रकारों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों पर महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप भी लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। भारद्वाज ने देश की महिलाओं से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को संविधान से मिले अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण आंदोलनों में हिस्सा लेने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

गोपाल राय ने बताया लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय

AAP के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध जैसे कदम उठाए।

गोपाल राय के मुताबिक, सरकार की ओर से बताए गए हिरासत के आंकड़े वास्तविक संख्या से कम हो सकते हैं। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि कुछ मामलों में हिरासत में लिए गए लोगों के नाम आधिकारिक रिकॉर्ड में पूरी तरह दर्ज नहीं किए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

also read:- अभिजीत दीपके की दादी का निधन, दिल्ली पुलिस की हिरासत में…

उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। गोपाल राय ने छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे अपने विरोध को अहिंसक बनाए रखें। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

गुरुद्वारे में पुलिस कार्रवाई का भी उठा मुद्दा

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गुरुद्वारे में शरण लेने वाले लोगों को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा जरूरतमंदों को आश्रय देने वाला पवित्र स्थान है और वहां की धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

ढांडा ने दावा किया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर और लाठियों के साथ गुरुद्वारे में दाखिल हुए तथा लोगों को बाहर निकालकर हिरासत में लिया। उन्होंने इस कथित कार्रवाई को सिख धर्म की परंपराओं के प्रति असम्मान बताया।

उन्होंने पत्रकारों की हिरासत का मुद्दा भी उठाया। ढांडा के अनुसार, कुछ पत्रकारों ने अपना प्रेस कार्ड दिखाने के बावजूद हिरासत में लिए जाने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि मीडिया को घटनाओं की स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने का अवसर मिलना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर राजनीतिक टकराव तेज

AAP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान बड़े पैमाने पर वोट काटे गए और इससे विपक्ष को नुकसान पहुंचा। ये राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

पार्टी नेताओं का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस और केंद्र सरकार का पक्ष सामने आने से मामले के विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

संजय सिंह ने चेतावनी दी कि विरोध की आवाज दबाने से राजनीतिक असंतोष खत्म नहीं होगा। AAP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है और समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बनाकर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button