AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी का राजू करपडा के इस्तीफे के मुद्दे पर बयान

राजुभाई करपडा ने इस्तीफा दिया, उनकी क्या मजबूरी रही होगी इस बारे में उन्होंने कोई स्पष्टता नहीं की: इसुदान गढवी

गुजरात के किसान नेता राजुभाई करपडा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने पर प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजुभाई करपडा का मुझे इस्तीफा मिला है। उनकी साथ व्यक्तिगत बातचीत अभी नहीं हुई है, लेकिन इतना निश्चित है कि राजुभाई ने किसानों के हक के लिए लगातार और दृढ़ संघर्ष किया है। उन्होंने किसानों के सवालों को लेकर हमेशा मजबूत लड़ाई लड़ी है। हडदड में आयोजित आंदोलन में हजारों किसान एकत्रित हुए थे और कडदा प्रथा बंद करवाने का ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इतना ही नहीं, गुजरातभर की एपीएमसी में चल रही लूट और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जंग का ऐलान किया गया था। आंदोलन के बाद भाजपा सरकार द्वारा किसानों और किसान नेताओं पर लाठीचार्ज किया गया था और राजू करपडा और प्रवीण राम सहित लगभग 85 किसान और नेताओं पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया गया था।

इसके बावजूद किसान और नेता अडिग रहे और उनका संघर्ष जारी रहा। राजुभाई की क्या मजबूरी रही होगी इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने किसानों को न्याय मिले, किसानों को अच्छे दाम मिलें और भाजपा जो लूट चला रही है, उसके खिलाफ कई आंदोलन किए। जिसके कारण आम आदमी पार्टी और किसानों का राजुभाई को बहुत समर्थन मिला।

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आगे प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी ने कहा कि इसके बाद सुदामडा में अरविंद केजरीवालजी और भगवंत मान साहब की उपस्थिति में आयोजित विशाल सभा में 50,000 से अधिक किसान उपस्थित रहे थे। किसानों की एकता और जागरूकता से घबराकर भाजपा सरकार को लगभग ₹10,000 करोड़ का किसान राहत पैकेज घोषित करना पड़ा था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने पूरे गुजरात में कई किसान महापंचायतों का आयोजन किया था। राज्य के 13,000 गांवों में किसान न्याय पंचायत आयोजित की गई थी, छोटी-बड़ी बैठकों का आयोजन कर 80,000 से अधिक किसानों के समर्थन हस्ताक्षर एकत्रित कर मुख्यमंत्री को सौंपे गए थे।

भाजपा हमेशा किसान आंदोलन को कमजोर करने और आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने-धमकाने का प्रयास करती है। भाजपा किसी न किसी तरह आम आदमी पार्टी के नेताओं को तोड़ने और परेशान करने की कोशिश करती रहती है और जेल में भी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अत्याचार हुआ था। गुजरात के किसान, मजदूर और श्रमिक वर्ग का विश्वास आम आदमी पार्टी पर कायम है। किसानों के हक और न्याय के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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