राज्यगुजरात

विधायक चैतर वसावा के समर्थन में AAP का शक्ति प्रदर्शन

चैतर वसावा के समर्थन में AAP ने नर्मदा में महारैली निकाली। 1.5 लाख हस्ताक्षर राष्ट्रपति को भेजे गए, नेताओं ने 2027 तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

  • विधायक चैतर वसावा के समर्थन में कलेक्टर कार्यालय तक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया

आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में महासभा और महारैली का आयोजन किया गया। इस महारैली के बाद विधायक चैतर वसावा के समर्थन में लोगों द्वारा किए गए डेढ़ लाख हस्ताक्षरों को कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया, नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा, विधायक चैतर वसावा की धर्मपत्नी शकुंतलाबेन वसावा और विधायक चैतर वसावा की धर्मपत्नी वर्षाबेन वसावा, छोटाउदेपुर जिला अध्यक्ष राधिका राठवा सहित AAP के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज और सभी समाजों के लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों ने साबित किया कि वे हमेशा चैतर वसावा के समर्थन में हैं और आशा है कि वे जल्द ही बाहर आएंगे और एक बार फिर अपनी गर्जना करेंगे।

आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने सभा में कहा कि मुझे गर्व है कि आदिवासी समाज के बेटे चैतरभाई वसावा को बचाने के लिए आप सभी लोगों ने 1.5 लाख हस्ताक्षर किए, नरेंद्र मोदी की ताकत नहीं कि वे ऐसा करके दिखा दें। चार दिन पहले हमने पंजाब का वीडियो देखा था और उससे हमें पता चल गया कि चैतरभाई को सिर्फ स्थानीय भाजपा नेताओं ने नहीं बल्कि ऊपर के नेताओं ने जेल में डलवाया है। एक ताज़ा खबर है कि गुजरात की अदालतों में 16 लाख मामले लंबित हैं। ये सभी मामले वर्षों से लंबित हैं, लेकिन चैतरभाई का मामला तो अभी कुछ समय पहले का था। अगर आप चैतरभाई का मामला फास्ट ट्रैक में चलाकर सजा दिला सकते हैं तो इन 16 लाख लंबित मामलों में सजा क्यों नहीं दिलाते? इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा ने चैतरभाई वसावा को खत्म करने की साजिश रची थी। चैतरभाई का अपराध सिर्फ इतना था कि वे आदिवासी समाज पर आने वाली हर मुसीबत के खिलाफ लड़ते थे। अभी शकुंतलाबेन की आंखों में आंसू आ गए थे, तो हमें उन आंसुओं का बदला लेना है। आदिवासी किसान के खेत की फसल नष्ट की गई तो पहली जिम्मेदारी सांसद मनसुखभाई की बनती थी। मनसुखभाई को वन कर्मचारियों से कहना चाहिए था कि वे गलत कर रहे हैं, लेकिन वे कुछ नहीं बोले। जबकि चैतर वसावा किसान के साथ खड़े रहे और उन्होंने समझौता करवाया। विधायक और सांसद जनता के हित का काम करने के लिए होते हैं, दलाली करने के लिए नहीं। आदिवासी समाज के कई नेता भाजपा की पीपुड़ी बन गए हैं। आज हम ये 1,50,000 हस्ताक्षर कलेक्टर को देंगे, लेकिन कलेक्टर की इतनी ताकत नहीं कि वह ऊपर तक बात पहुंचा सके, इसलिए हम ये हस्ताक्षर राष्ट्रपति को भेजेंगे। 27 तारीख को छोटाउदेपुर में भी इसी तरह का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुझे याद नहीं कि आज तक किसी नेता के समर्थन में डेढ़ लाख हस्ताक्षर हुए हों। अब इन हस्ताक्षरों की संख्या धीरे-धीरे करके 10 लाख तक पहुंचानी है।

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आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने कहा कि 30 वर्षों से सत्ता में बैठी गुजरात की भाजपा सरकार आज सिर्फ चैतर वसावा से डरती है। इसलिए उन्होंने चैतरभाई को जेल में डालने का काम किया है। भाजपा 30 वर्षों से सत्ता में है और उसे अहंकार हो गया है। ये लोग देश के लोगों को कीड़े-मकोड़े समझते हैं और ऐसी तानाशाही मानसिकता के खिलाफ हमारी लड़ाई है। इस मानसिकता के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है उसका नेतृत्व चैतरभाई वसावा कर रहे हैं। भाजपा की अनेक साजिशों के बावजूद चैतरभाई झुके नहीं। जब गुजरात का इतिहास लिखा जाएगा तब चैतरभाई और उनके परिवार का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। हमारी लड़ाई मनसुखभाई वसावा या भाजपा कार्यकर्ताओं से नहीं बल्कि भाजपा की मानसिकता से है और हमें इसी मानसिकता को हराना है। जंतर-मंतर में लाखों युवा भाजपा की इस मानसिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। देश की शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो, इस उद्देश्य से देश के लाखों युवाओं ने सिर्फ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा है। गुजरात में भी पिछले 14 वर्षों में 35 पेपर लीक हुए। गुजरात में चैतर वसावा ने क्रांति का बीज बोया है। चैतरभाई इस समय जेल में हैं, लेकिन हम सभी ने मिलकर गुजरात के लोगों को जागरूक करने का काम किया है। आप सभी लोगों ने घर-घर जाकर डेढ़ लाख हस्ताक्षर करवाए हैं, इसलिए आज हम इन पत्रों को कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाएंगे। राष्ट्रपति को बताएंगे कि चैतरभाई पर झूठा केस किया गया है। चैतरभाई के साथ सिर्फ आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरा गुजरात है। इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित लोग इस बात का प्रमाण हैं कि चैतरभाई जल्द ही जेल से बाहर आएंगे और भाजपा को घर भेजेंगे।

आम आदमी पार्टी के नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजन वसावा ने कहा कि हमारे विधायक चैतरभाई तीन-तीन बार जेल गए और उनकी धर्मपत्नी भी दो वर्ष जेल में रहीं। आज हमें चैतरभाई और उनके परिवार का बहुत आभार मानना चाहिए। आज भले ही चैतरभाई जेल में हों, लेकिन उन्होंने पूरे गुजरात के घर-घर में नए ‘चैतरभाई’ पैदा कर दिए हैं। यही बात भारतीय जनता पार्टी को डरा रही है। एक सामान्य मामले में सप्ताह में बार-बार तारीख देकर भाजपा सरकार ने चैतरभाई को परेशान किया और यदि किसी एक तारीख पर वे नहीं पहुंचे तो तुरंत वारंट निकाल दिया! 2023 के मामले में 2026 में इस सरकार ने फैसला दिया है। प्रदेश नेतृत्व ने चैतरभाई को उमरगाम से अंबाजी तक की सभी सीटों की जिम्मेदारी सौंपी थी। चैतरभाई ने अपने परिवार की चिंता किए बिना दिन-रात एक करके प्रत्येक क्षेत्र में घूमकर स्थानीय स्वराज चुनावों में भाजपा का सफाया कर दिया और इतनी बड़ी संख्या में सीटें जिताकर दीं। इसी कारण भाजपा नेताओं के पेट में तेल पड़ गया है! आज 35-35 वर्षों से भाजपा के सांसद रहे नेता पूछते हैं कि चैतरभाई ने क्या काम किया? जो सांसद 35 वर्षों में अपने गांव की सड़क नहीं बना सके और एशिया की नंबर वन GIDC क्षेत्र के सांसद होने के बावजूद हमारे नर्मदा जिले के शिक्षित युवाओं को निजी या सरकारी नौकरी नहीं दिला सके, वे हमारा क्या भला करेंगे? भाजपा के सांसद या विधायक पूरी टीम लेकर गांधीनगर तक जाते हैं, फिर भी उनकी कोई बात नहीं सुनी जाती और वे चैतरभाई को दबाने निकले हैं। चैतरभाई वसावा जल्द ही हमारे बीच बाहर आएंगे।

इस सभा में विधायक चैतर वसावा की धर्मपत्नी शकुंतलाबेन वसावा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कल मुझे और चार अन्य किसानों को हाईकोर्ट से जमानत मिली है, इसलिए हम हाईकोर्ट का धन्यवाद करते हैं। भाजपा ने हमें झूठे तरीके से जेल में फंसाया है और इसका जवाब 2027 में देंगे। किसानों को न्याय दिलाने के बजाय चैतरभाई को झूठे तरीके से सजा दी गई, इसका जवाब भी जनता देने के लिए तैयार है। विधायक चैतर वसावा कई मुद्दों पर लड़ाई लड़ते हैं, यह भाजपा सरकार को पसंद नहीं है, इसलिए उन्हें बार-बार जेल भेजा जाता है। जेल में हमें बहुत तकलीफ हुई, लेकिन जनता के आशीर्वाद से हम बाहर आए हैं, इसलिए आप सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। साहब (चैतरभाई) की तबीयत अच्छी है और जल्द ही उन्हें भी जमानत मिल जाएगी।

इसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा की धर्मपत्नी वर्षाबेन वसावा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विधायक चैतर वसावा के समर्थन में हमने गांव-गांव जाकर 1.5 लाख हस्ताक्षर करवाए। आप सभी लोगों ने मुझे जो सहयोग दिया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। हमारे विधायक हमारे लिए मुखिया हैं और उनके बिना हमें कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, यह हम देख रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। विधायक चैतर वसावा सड़क से लेकर सदन तक लोगों के लिए लड़ाई लड़ते हैं, वे घर-परिवार की चिंता किए बिना लोगों के बीच रहते हैं और यही बात भाजपा नेताओं को पसंद नहीं है, इसलिए वे विधायक साहब को बार-बार जेल भेजते हैं। 2027 में इसका बदला लिया जाएगा। जिला पंचायत चुनाव में जिस तरह हमने नर्मदा में विरोधियों का सफाया किया, उसी तरह 2027 में अंबाजी से उमरगाम तक सफाया करना है। मनसुख दादा, अगर आपको बहस में बैठना है तो हमारी जनता और मैं, हम सभी लोग आपके सामने बहस करने के लिए तैयार हैं।

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