2022 में बसंत पंचमी 5 फरवरी यानी कल शनिवार को मनाई जाएगी बसंत पंचमी किस दिन सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन सुबह 5:45 तक रहेगी जैसा कि आप जानते हैं इस दिन मां सरस्वती का प्रकट उत्सव मनाया जाता है पुराने समय से मान्यता चली आ रही कि इस दिन पीले कपड़े पहन कर पीले फूल होता पीले प्रसाद से ही मां सरस्वती की पूजा की जाती है इस दिन बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी किया जाता है। देश में अलग-अलग राज्यों में इस पर्व को बागेश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है खास तौर पर यह पर्व शिक्षा संगीत और ज्ञान के लिए विशेष महत्व देता है इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है इस साल बसंत पंचमी का पर्व हर साल की तुलना में थोड़ा सा विशेस है इस दिन ज्योतिष के हिसाब से कई महत्वपूर्ण लोगों का निर्माण हो रहा है
इस बार बसंत पंचमी वाले दिन विवाह मुहूर्त भी रहेगा एक ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस महीने गुरु अस्त होने की वजह से 22 फरवरी तक बसंत पंचमी सहित चार पांच विवाह मूहर्त रहेंगे इसके बाद 17 अप्रैल से दोबारा शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा।
ज्योतिषियों का मानना है कि बसंत पंचमी वाले दिन नए प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्था की शुरुआत करना तथा और भी नए कामों की शुरुआत करना शुभ एवं मंगलकारी होता है। इस दिन बच्चों की पढ़ाई भी शुरू की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाने से वह काफी बुद्धिमान रहते हैं और उन पर मां सरस्वती की कृपा भी बनी रहती है गुरु ग्रह के उधर रहते इस दिन धार्मिक एवं मांगलिक काम भी कर लेनी चाहिए वही आपको बता दें कि विवाह के लिए बसंत पंचमी का दिन बेहद शुभ दिन माना जाता है बसंत पंचमी के पर्व पर विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती मां की पूजा के साथ ही गृह प्रवेश, नया कोर्स आरंभ करना, पढ़ाई या परीक्षा की तैयारी करना, नई नौकरी की शुरुआत करना तथा किसी नए काम की शुरुआत करना एवं भूमि पूजन एवं मुंडन आदि शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन इन सभी कामों की शुरुआत फलदाई साबित होती है।