राज्यदिल्ली

अरविंद केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, बिहार छात्र प्रदर्शन में कथित AK-47 फायरिंग को लेकर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने बिहार छात्र प्रदर्शन में कथित AK-47 फायरिंग को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। सीवान घटना पर राजनीतिक विवाद तेज।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और कथित AK-47 फायरिंग की घटना पर गंभीर सवाल उठाए।

केजरीवाल बोले- छात्रों से मत उलझिए

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदर्शन करने वाले छात्र आतंकवादी हैं?

अरविंद केजरीवाल ने 1974 के छात्र आंदोलन और लोकनायक जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने सत्ता परिवर्तन का इतिहास लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

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सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुआ था बवाल

यह मामला बिहार के सीवान जिले में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जहां परीक्षा में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र सड़क पर उतरे थे।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। प्रशासन के अनुसार स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से हवा में फायरिंग किए जाने की घटना सामने आई, जिसने पूरे मामले को राजनीतिक विवाद में बदल दिया।

फायरिंग करने वाले कांस्टेबल पर कार्रवाई

बिहार पुलिस ने घटना के बाद संबंधित कांस्टेबल अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

जिला प्रशासन के मुताबिक कांस्टेबल जिला इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की टीम के साथ एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में जा रहा था। प्रदर्शनकारियों के बीच फंसने के बाद उसने AK-47 से चार राउंड हवा में फायर किए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भीड़ नियंत्रण के दौरान इस प्रकार हथियार का उपयोग अधिकृत नहीं था और इसे अनुचित माना गया है।

राजनीतिक घमासान तेज

सीवान की घटना के बाद विपक्ष लगातार राज्य और केंद्र सरकार को घेर रहा है। छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई, बल प्रयोग और हथियारों के इस्तेमाल को लेकर कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। वहीं छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही की मांग की है।

बिहार की यह घटना एक बार फिर छात्र आंदोलनों, परीक्षा पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गई है।

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