राम मंदिर ट्रस्ट पर केजरीवाल ने लगाए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, सुप्रीम कोर्ट में CBI और SIT जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल।
राम जन्मभूमि से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस को तेज कर दिया है।
अरविंद केजरीवाल के आरोप
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े दान और चंदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए अरबों रुपये के दान के दुरुपयोग की आशंका है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई। केजरीवाल ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पारदर्शिता की कमी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
केजरीवाल ने अपने बयान में यह भी कहा कि जांच में देरी से सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बढ़ता विवाद
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अरविंद केजरीवाल के बयानों के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
राम मंदिर से करोड़ों का चंदा चोरी हो गया। राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं। आज मैं सरकार से पहला सवाल पूछ रहा हूँ:
पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है। सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं। उसे अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर… pic.twitter.com/8Z9C4Q3jS5
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 23, 2026
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यह मुद्दा अब केवल एक प्रशासनिक मामला नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है, जिसमें जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में जांच की मांग वाली याचिका
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की गई है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की गई है।
याचिका में FIR दर्ज करने और CBI के तहत SIT जांच गठित करने की मांग की गई है। साथ ही सभी वित्तीय रिकॉर्ड, दान रजिस्टर, बैंक डिटेल्स और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की अपील की गई है।
स्वतंत्र जांच की मांग तेज
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा जांच प्रक्रिया की सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनका तर्क है कि शुरुआती चरण में सबूतों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है।
राम मंदिर ट्रस्ट मामला बना राजनीतिक मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम में अरविंद केजरीवाल के आरोपों ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब यह मुद्दा न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
जांच की मांग और आरोपों के बीच यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
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