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आषाढ़ मास 2026 शुरू, जानें किन देवी-देवताओं की पूजा से बनेंगे बिगड़े काम और मिलेगा शुभ फल

आषाढ़ महीने में भगवान विष्णु, शिव, जगन्नाथ और माता लक्ष्मी की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलने की मान्यता

आषाढ़ मास 2026 शुरू, जानें भगवान विष्णु, शिव, जगन्नाथ और माता लक्ष्मी की पूजा से कैसे बनेंगे बिगड़े काम और मिलेगा शुभ फल।

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन महीना 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है, ऐसा धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है।

आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस दौरान श्रीहरि की आराधना करते हैं और पीले पुष्प, तुलसी दल तथा पंचामृत अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस पूजा से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

इस महीने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होने और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। यही कारण है कि यह समय भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है।

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आषाढ़ मास में भगवान शिव की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी गई है। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की धार्मिक मान्यता है।

यदि किसी व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो तो माता लक्ष्मी की पूजा इस महीने विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है। शुक्रवार के दिन विधिवत पूजा और दीपदान से धन-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।

इसके अलावा तुलसी पूजन का भी इस मास में विशेष महत्व है। प्रतिदिन तुलसी को जल अर्पित करना और दीप जलाना शुभ माना जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास में सुबह स्नान कर पूजा-पाठ करना, सात्विक भोजन ग्रहण करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और मंत्र जाप करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह समय आत्मिक शुद्धि और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

कुल मिलाकर, आषाढ़ मास भक्तिभाव, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ होता है, जिसमें की गई पूजा-अर्चना जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।

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