बरिंदर गोयल ने पंजाब नहर जल सिंचाई योजना 2026 के तहत नहरी पानी से सिंचाई का रकबा 4 गुना बढ़ाने की उपलब्धियों का खुलासा किया, जिससे किसान और भूजल दोनों लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण और सिंचाई के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने हाल ही में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए बताया कि पंजाब नहर जल सिंचाई योजना 2026 के तहत राज्य में नहरी पानी का उपयोग अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है।
2022 के मुकाबले 4 गुना बढ़ा सिंचाई का दायरा
रैली में बरिंदर गोयल ने कहा कि 2022 से पहले नहरी पानी केवल 5,700 एकड़ भूमि पर इस्तेमाल होता था। मान सरकार की नई नहर जल सिंचाई योजना और जल प्रबंधन नीतियों के कारण यह दायरा अब 22,000 एकड़ तक बढ़ गया है। यह चार गुना वृद्धि दर्शाती है कि सरकार ने हर खेत तक पानी पहुँचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
ਖੇਤਾਂ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ‘ਚ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਉਪਰਾਲੇ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @barinder_goyal ਨੇ ਵੱਡੀ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਸੰਬੋਧਨ
👉🏻 2022 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿਰਫ਼ 5700 ਏਕੜ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਤੇ ਹੁਣ ਵਧ ਕੇ ਹੋਇਆ 22 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ
👉🏻 ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਫੀਡਰ ਤੇ ਸਰਹਿੰਦ ਕੈਨਾਲ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਵਧਾ ਕੇ ਬਿਨਾਂ… pic.twitter.com/QipobsXpgc— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 30, 2026
बिना अतिरिक्त खर्च बढ़ा सरहिंद और फिरोजपुर फीडर का स्तर
बरिंदर गोयल ने रैली में बताया कि फिरोजपुर फीडर और सरहिंद नहर की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष तकनीक अपनाई गई है। नहरी पानी का स्तर अब भाखड़ा नहर के बराबर है, और इस प्रक्रिया में किसी भारी खर्च की आवश्यकता नहीं पड़ी। इससे हजारों किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी मिल रहा है और उनकी बिजली और डीजल पर निर्भरता कम हुई है।
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₹6,500 करोड़ का निवेश और गरम वितरणी की आधारशिला
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज ‘गरम वितरणी’ की आधारशिला रखी, जो इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बरिंदर गोयल ने बताया कि नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार अब तक ₹6,500 करोड़ का निवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता पहले दिन से ही बहुमूल्य भूजल (Groundwater) का संरक्षण रही है।
किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह नीति
रैली में बरिंदर गोयल ने कहा कि जब हर खेत तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचेगा, तो किसानों की लागत कम होगी और पंजाब की जल संपदा सुरक्षित रहेगी। यह नीति केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में भूजल स्तर सुधार और सतत कृषि के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी।
उद्योग और किसान वर्ग की प्रतिक्रिया
किसान और कृषि विशेषज्ञों ने बरिंदर गोयल द्वारा पेश की गई इस योजना की सराहना की है। उनका कहना है कि पंजाब नहर जल सिंचाई योजना 2026 राज्य में कृषि के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और जल संरक्षण की दिशा में नयी मिसाल कायम करेगी।
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