बसंत पंचमी पूजा विधि घर पर: सरस्वती माता की सरल आराधना

जानें घर पर बसंत पंचमी पूजा विधि 2026. स्टेप बाय स्टेप सरस्वती माता की पूजा, भोग, मंत्र और विद्यारंभ संस्कार।

आज का दिन है बसंत पंचमी, जिसे विद्या और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा के साथ मनाया जाता है। इसे श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। बसंत पंचमी से ही वसंतोत्सव की शुरुआत होती है, जो होली तक चलता है। इस दिन को नए कार्यों की शुरुआत और बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार करने के लिए शुभ माना जाता है।

अगर आप घर पर बसंत पंचमी की पूजा करना चाहते हैं, तो यहां जानिए सरल और स्टेप बाय स्टेप पूजा विधि।

बसंत पंचमी पूजा की तैयारी

स्नान और वस्त्र: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।

पूजा स्थल तैयार करें: पूजा स्थान को साफ करें और वहां पीले रंग के कपड़े पर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

भगवान गणेश की स्थापना: पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा भी रखें, ताकि सभी कार्य सफल हों।

also read:- गणेश चतुर्थी 2026: विधिपूर्वक पूजा और शुभ मुहूर्त, जानें भोग और दान की पूरी जानकारी

भोग अर्पित करें: मां सरस्वती को पीले फूल, अक्षत, हल्दी, केसर, पीले फल, पीली मिठाई और पीले वस्त्र या चुनरी अर्पित करें।

दीप और धूप: पूजा के दौरान दीप और धूप जरूर जलाएं।

माला पहनाएं और मंत्र जाप करें: मां को माला पहनाएं और उनके किसी भी मंत्र का 108 बार जाप करें।

पीले भोग: इस दिन केसर हलवा, बूंदी या पीली खीर का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।

विद्यारंभ: बच्चे अपनी किताबें, कॉपी, कलम और वाद्य यंत्र मां सरस्वती के चरणों में रखें। छोटे बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार भी किया जाता है।

आरती और प्रसाद वितरण: पूजा समाप्ति पर मां सरस्वती की आरती करें और प्रसाद सभी में बांट दें।

बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी का पर्व न केवल देवी सरस्वती की आराधना का दिन है, बल्कि यह शिक्षा, विद्या और कला का उत्सव भी है। इसे नए कार्यों की शुरुआत, शुभ कार्य, गृह प्रवेश, और अन्य संस्कारों के लिए भी शुभ माना जाता है। पीला रंग वसंत ऋतु का प्रतीक है और इसे सौभाग्य, समृद्धि और ज्ञान का रंग माना जाता है।

Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x

Exit mobile version