मुम्बई: मुंबई में INS रणवीर में धमाका हो गया है जिसमें नौसेना के तीन कर्मी शहीद हो गए हैं। इस हादसे मे कई कर्मियों के घायल होने की भी खबर है। भारतीय नौसेना के अधिकारी ने इस हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि नेवल डॉकयार्ड मुंबई पर आज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। INS रणवीर के एक आंतरिक कंपार्टमेंट में विस्फोट में नौसेना के 3 कर्मियों की जान चली गई। हालांकि हादसे के बाद जहाज के चालक दल ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया।

 

घटना के तुरंत बाद चालक दल ने समझदारी दिखाते हुए बिगड़ते हालात को संभालने का काम किया। भारतीय नौसेना ने बयान में कहा कि मुंबई नौसैन्य डॉकयार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में आईएनएस रणवीर के एक आंतरिक कक्ष में विस्फोट के कारण नौसेना के तीन कर्मियों की मौत हो गई‌। जबकि कुछ अन्य सनेना कर्मी घायल हुए हैं। घटना के बाद जवानों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन तब तक तीन जवान शहीद हो गए थे‌।

बताया जा रहा है कि नेवी ने धमाके की जांच के आदेश दिए हैं। आईएनएस रणवीर पूर्वी नौसेना कमान से क्रॉस कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था और जल्द ही बेस पोर्ट पर लौटने वाला था‌। हादसे की कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। इस हादसे में 11 कर्मियों के घायल होने की भी खबर है, जिनका स्थानीय नेवी अस्पताल में इलाज चल रहा है‌।कोई बड़ी सामग्री क्षति की जानकारी नहीं मिली है‌। मामले को देखते हुए अनुमान लगाए जा रहे हैं कि यह धमाका किसी तोड़फोड़ या किसी हथियार या गोला-बारूद की खराबी से संबंधित नहीं है। धमाके की वजह मशीनरी की विफलता हो सकती है।

वहीं शहीद हुए नौसेना कर्मियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।आईएनएस रणवीर 28 अक्टूबर 1986 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। पांच पाजपूत श्रेणी के विध्वसंकों मे से ये चौथा है, जिसे 310 नाविकों का एक दल संचालित करता है। ये हथियारों और सेंसर से लैस है। इसमें सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल हैं‌। इसके अलावा इसमें मिसाइल रोधी बंदूके और पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर भी हैं।