एएनआई: विधान परिषद के चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही यहां के राजनीतिक गलियारे में गर्मी आनी शुरू हो गई है। अगले कुछ दिनों में बिहार विधान परिषद की 24 सीटों के लिए अधिसूचना जारी हो जाएगी। लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को घोषणा की, कि उनकी पार्टी 24 विधान परिषद सीटों के लिए अकेले बिहार में स्थानीय अधिकारियों के निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ेगी और किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

एएनआई से बात करते हुए पासवान ने कहा, “एक बात स्पष्ट है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बिहार में किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और विधानसभा चुनाव 2020 की तर्ज पर हमने फैसला किया है कि हम विधान परिषद का चुनाव अकेले लड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “हम ज्यादातर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे, जिनमें से कई नामों को हमने अंतिम रूप दे दिया है और चुनाव की अधिसूचना आने के तुरंत बाद घोषित कर दिया है।”

पासवान ने एमएलसी चुनाव के लिए बिहार में एनडीए गठबंधन में अंदरूनी कलह पर भी चिंता व्यक्त की और कहा, “जहां तक ​​राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और ‘महागठबंधन’ का सवाल है, यह एक तथ्य है कि गठबंधन और दोनों में तनाव है। एनडीए जो बिहार में सरकार चला रही है।”

उन्होंने कहा, ‘यह आश्चर्य की बात है कि राज्य में सरकार और एनडीए के दो महत्वपूर्ण सहयोगी जीतन राम मांझी और मुकेश साहनी को एक भी मौका नहीं दिया गया है। यह बड़े सवाल उठाता है, लेकिन यह एनडीए का आंतरिक मामला है।” पासवान ने दोहराया कि उनकी पार्टी एमएलसी का चुनाव अकेले लड़ेगी और ज्यादातर सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

उधर कांग्रेस ने भी एलान कर दिया है कि पार्टी सभी 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीं बिहार भाजपा 13 सीटों चुनाव लडऩे की तैयारी में जुटी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा- राजद की भले ही बत नहीं बन पाती हो लेकिन अभी बिहार में गठबंधन साथ में दिखेगा।