मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 लॉन्च की। नई नीति के तहत निवेशकों को 20 प्रोत्साहन विकल्प, पूंजी सब्सिडी और 100% तक स्थिर पूंजी निवेश पर प्रोत्साहन मिलेगा।
पंजाब को देश का अग्रणी निवेश केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नई और प्रगतिशील नीतियां लागू कर पंजाब को देश का नंबर-1 निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह नई औद्योगिक नीति राज्य में औद्योगिक विकास को तेज करने, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
निवेशकों को अपनी जरूरत के अनुसार प्रोत्साहन चुनने की आजादी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि निवेशक अब अपनी जरूरत के अनुसार प्रोत्साहनों का चयन कर सकेंगे।
नई नीति के तहत निवेशकों को 20 तक विभिन्न रियायतों में से अपने व्यवसाय मॉडल के अनुरूप विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी गई है। इससे उद्योग अपने क्षेत्र, लागत संरचना और उत्पादन क्षमता के अनुसार अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर सकेंगे।
पंजाब में पहली बार पूंजी सब्सिडी की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 के तहत राज्य में पहली बार पूंजी सब्सिडी की व्यवस्था शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्योग 100 करोड़ रुपये का संयंत्र स्थापित करता है तो अब सरकार भी पूंजी सब्सिडी के माध्यम से निवेश का एक हिस्सा वहन करेगी। इससे निवेशकों का जोखिम कम होगा और परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता बेहतर होगी।
100 प्रतिशत तक स्थिर पूंजी निवेश पर प्रोत्साहन
नई नीति के तहत उद्योगों को भूमि, भवन, मशीनरी, अनुसंधान एवं विकास और पर्यावरणीय सुविधाओं सहित स्थिर पूंजी निवेश पर 100 प्रतिशत तक प्रोत्साहन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था पंजाब को विनिर्माण, सेवा और उभरते तकनीकी क्षेत्रों के लिए एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बनाएगी।
छोटे और मध्यम उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ
पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 में छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
रोजगार सृजन सब्सिडी की पात्रता को घटाकर 25 करोड़ रुपये के निवेश और 50 कर्मचारियों तक कर दिया गया है। इससे हजारों छोटे और मध्यम उद्योगों को सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना, जालंधर, बटाला और गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों छोटे उद्योग कार्यरत हैं, जो राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
मौजूदा उद्योगों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति केवल नए निवेशकों तक सीमित नहीं है।
पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 के तहत मौजूदा उद्योगों को भी मशीनरी अपग्रेड करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने या नई उत्पादन लाइन शुरू करने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे राज्य के औद्योगिक ढांचे को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रोत्साहन अवधि 15 वर्षों तक
नई औद्योगिक नीति में प्रोत्साहनों की अवधि को बढ़ाकर 15 वर्षों तक कर दिया गया है, जबकि अधिकांश राज्यों में यह अवधि 5 से 10 वर्ष होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, डेटा सेंटर और भारी उद्योग जैसे पूंजी-गहन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में निवेश को अतिरिक्त प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने सीमावर्ती जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।
पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे जिलों में स्थापित होने वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
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समावेशी रोजगार को बढ़ावा
नई नीति के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति और दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को अधिक रोजगार सृजन सब्सिडी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक समावेशन को भी प्रोत्साहित करेगी।
पंजाब में निवेश की बढ़ती रफ्तार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब को 1.55 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 55,000 करोड़ रुपये का निवेश पिछले वर्ष ही आया है।
टाटा, इंफोसिस, वर्धमान, ट्राइडेंट, एचएमईएल और फोर्टिस जैसी प्रमुख कंपनियों ने भी पंजाब में निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
निवेशकों को स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 भारत और दुनिया भर के निवेशकों को यह स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब उद्योग और व्यापार के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि यह नीति औद्योगिक विकास को गति देने, रोजगार सृजन बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर बिजली, उद्योग, वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन मंत्री संजीव अरोड़ा ने घरेलू और वैश्विक निवेशकों को 13 से 15 मार्च 2026 को मोहाली स्थित प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
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