कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस अधिकारियों संग की उच्च स्तरीय बैठक

पंजाब में अमन-शांति बनाए रखने हेतु मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम तेज करने के आदेश दिए।

नशों और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी दृढ़ स्थिति दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पूरी सीनीयर पुलिस लीडरशिप को सुरक्षा व्यवस्था सख्ती से लागू करने के आदेश देते हुए कहा कि पूरे राज्य में अमन कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पुलिस कमिश्नरों, इंस्पेक्टर जनरल (आईजी), डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) और सीनियर सुपरिंटेंडेंट्स ऑफ पुलिस (एसएसपी) के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरां ते वार’ पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं और नशों के खतरे तथा गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करना चाहिए।

समूचे समन्वय, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष परिणामों की उम्मीद करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ‘आप’ सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा और रक्षा के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि जहां कानून लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी, वहीं पंजाब के नौजवानों के लिए लंबे समय तक सुरक्षित रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करने तथा करियर काउंसलिंग को संस्थागत बनाने पर भी निर्भर करता है ताकि नौजवानों को नशों और अपराध का शिकार होने से बचाया जा सके।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसी चुनौतियों का सामना करना पंजाब पुलिस की शानदार विरासत रही है और समय की जरूरत है कि राज्य से नशों के खतरे और गैंगस्टरों का खात्मा करके इस विरासत को कायम रखा जाए और इस कार्य के लिए उन सभी को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ेगी।

अब तक की प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के पूर्ण समर्थन और सहयोग से राज्य सरकार की दो प्रमुख मुहिमें ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरां ते वार’ सफलतापूर्वक शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को नशों और गैंगस्टरों की बुराई से मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई इन दोनों मुहिमों के परिणाम शानदार रहे हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करना समय की जरूरत है और इसके लिए हर अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

सख्त निगरानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मैं रोजाना इन मुहिमों की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करता रहूंगा ताकि राज्य को नशों और गैंगस्टरों से मुक्त करना सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हरेक कर्मचारी निगरानी के अधीन है और उन्हें अच्छे ढंग से ड्यूटी करने के लिए इनाम दिया जाएगा तथा किसी भी तरह की कुताही के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। इन दोनों मुहिमों के तहत शानदार ड्यूटी के लिए पंजाब पुलिस की प्रशंसा करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है, जिसके लिए हरेक कर्मचारी को सख्त मेहनत करनी होगी।

राज्य सरकार द्वारा दिल से सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पुलिस को नवीनतम तकनीक से लैस करने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की जरूरतों के अनुसार स्टाफ, वाहन फ्लीट और अन्य बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इरादा स्पष्ट है कि यह सुनिश्चित बनाया जाए कि पंजाब पुलिस किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कानून व्यवस्था की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से, पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति देश के बाकी हिस्सों से बहुत बेहतर है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पिछली सरकारों के शासनकाल की तुलना में राज्य में एक बड़ा बदलाव आया है क्योंकि अब पुलिस फोर्स को झूठे केस दर्ज करने के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाता। उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि वाली बात है कि राज्य सरकार द्वारा अपराधियों की कोई सरपरस्ती नहीं की जा रही।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिविल और पुलिस प्रशासन को राज्य भर में हथियारों के लाइसेंसों के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक मुहिम शुरू करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी हथियार के लाइसेंस का उपयोग किसी अपराध के लिए किया जाता है, तो जिला अधिकारी उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई पूरी तरह अनुचित है। इस मुहिम को ध्यान से योजनाबद्ध किया जाना चाहिए और बिना किसी रुकावट के लागू किया जाना चाहिए।

नौजवानों को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने की जरूरत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए राज्य सरकार नौजवानों को अधिक से अधिक रोजगार प्रदान करने की कोशिश कर रही है ताकि उन्हें सामाजिक बुराइयों से दूर रखा जा सके।

स्कूल ड्रॉपआउट दर को रोकने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के संवेदनशील क्षेत्रों और समूहों में, शिक्षा विभाग को उचित उपाय करने और इसकी जांच करने के लिए शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर करियर काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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