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हरियाणा में साइबर क्राइम पर कड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घटते मामले और बढ़ती गिरफ्तारियों का किया खुलासा

हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में साइबर क्राइम पर कड़ी कार्रवाई का उल्लेख किया। 2025 में साइबर मामलों में गिरावट, गिरफ्तारियों में वृद्धि, और नई सुरक्षा उपाय जैसे Zero FIR और डुअल OTP लागू किए गए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार की तकनीकी और आक्रामक कार्रवाई ने साइबर अपराध में तेजी से गिरावट लाई है। 2025 में साइबर क्राइम के मामलों में कमी आई, जबकि गिरफ्तारियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे साइबर अपराधियों को सख्त संदेश मिला।

विधान सभा के बजट सत्र में MLA आफताब अहमद के सवाल के जवाब में CM नायब सिंह सैनी ने बताया कि 2024 में 6,054 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 5,000 रह गए, यानी लगभग 17% की कमी। साइबर फ्रॉड के मामले भी 9,804 से घटकर 6,324 हो गए, यानी लगभग 36% की गिरावट।

गिरफ्तारियों में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। 2024 में 5,156 गिरफ्तारियां हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 8,093 हो गईं, यानी लगभग 57% की वृद्धि। यह हरियाणा सरकार की साइबर सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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डिजिटल अरेस्ट और फंड फ्रीजिंग

साइबर अपराधी अब डिजिटल अरेस्ट स्कैम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसमें ठगी गए पैसे को कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। पुलिस और बैंकों के सहयोग से अब राशि तुरंत फ्रीज कर दी जाती है। फ्रीज की गई रकम का प्रतिशत 2024 में 27% से बढ़कर 2025 में 40% हो गया।

ज़ीरो FIR सिस्टम और बैंक नोडल अधिकारी

सरकार ने Zero FIR सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत पीड़ित 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत संबंधित पुलिस स्टेशन को तुरंत ट्रांसफर हो जाती है। इसके अलावा, साइबर क्राइम कंट्रोल रूम में 16 नोडल बैंक अधिकारी तैनात हैं, जो फ्रीजिंग प्रक्रिया में पुलिस के साथ सहयोग करते हैं।

नए साइबर पुलिस स्टेशन

2026–27 के बजट प्रस्ताव में, CM नायब सिंह सैनी ने गोहाना, बहादुरगढ़ और सोनीपत में तीन नए साइबर पुलिस स्टेशनों की घोषणा की, ताकि साइबर अपराध पर नियंत्रण और मजबूत किया जा सके।

बुज़ुर्गों के लिए डुअल OTP प्रावधान

डिजिटल अरेस्ट मामलों में 60 वर्ष से ऊपर के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। इस दृष्टि से सरकार डुअल OTP प्रावधान पर विचार कर रही है। बैंक लेन-देन में OTP वृद्ध व्यक्ति और उनके बच्चे दोनों को भेजा जाएगा। लेन-देन केवल तभी पूरा होगा जब दोनों OTP दर्ज हों, जिससे साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में कमी आएगी।

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