दिल्ली के स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर लगेगी लगाम, SLFRC अब हर स्कूल में बनाना होगा

दिल्ली सरकार ने निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में SLFRC बनाना अनिवार्य किया। इससे फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी और अभिभावकों की शिकायतों का समाधान आसान होगा। पढ़ें पूरी डिटेल।

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए SLFRC (स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी) का गठन अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को रोकना, अभिभावकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

SLFRC की संरचना और जिम्मेदारियां

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि अब हर स्कूल को अपने स्तर पर SLFRC बनानी होगी और उसकी जानकारी विभाग को देनी होगी। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और शिक्षकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। SLFRC स्कूल की फीस संरचना, सालाना वृद्धि और अन्य शुल्कों की समीक्षा करेगी। यदि किसी अभिभावक को फीस या अन्य शैक्षणिक खर्चों को लेकर आपत्ति है, तो वह पहले SLFRC के सामने अपनी बात रख सकेगा।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई स्कूल बिना ठोस कारण के फीस बढ़ा देते थे, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। SLFRC के गठन से यह समस्या स्कूल स्तर पर ही हल हो जाएगी और मामला अनावश्यक रूप से अदालत या शिक्षा विभाग तक नहीं जाएगा।

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SLFRC नियमों का पालन और निगरानी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि SLFRC की बैठकें नियमित रूप से होंगी और उनके निर्णयों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षा विभाग इन रिकॉर्ड की जांच भी कर सकेगा। अगर कोई स्कूल SLFRC नहीं बनाता या इसके निर्देशों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

अभिभावक संगठनों ने किया स्वागत

अभिभावक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे स्कूल और माता-पिता के बीच संवाद बेहतर होगा और बच्चों की पढ़ाई पर अनावश्यक तनाव नहीं पड़ेगा। वहीं, सरकार का मानना है कि यह कदम शिक्षा को व्यापार नहीं, बल्कि सेवा के रूप में मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्टे का दिया जवाब

कुछ स्कूल इस निर्णय के विरोध में सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फीस कमेटी पर रोक लगाने से मना कर दिया। इसके साथ ही SLFRC अगले वर्ष से पूरी तरह लागू होगा।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विपक्ष के आरोपों पर कहा, “फरवरी में सरकार बनी और अप्रेल में SLFRC लागू हो जाएगा ये कैसे संभव है। सरकार की नियत साफ है, इसलिए स्कूलों द्वारा स्टे लेने की कोशिशें सफल नहीं हुईं। अब तक लगभग 1200 स्कूलों ने SLFRC का गठन कर डिटेल्स सरकार को सौंप दी हैं।”

आशीष सूद ने आगे कहा कि यह कदम दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और अभिभावक-हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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