बिगबॉस 15 के घर में वाइल्ड कार्ड एंट्री करने के बाद देवोलीना भट्टाचार्जी एक टास्क के दौरान बुरी तरह घायल हो गई थीं। चोट लगने के कुछ दिन बाद वह घर से बाहर हो गईं। बाहर आकर उन्होंने अपना चेकअप कराया, जिसमें पता चला की उनकी चोट काफी गंभीर थीं। अब उन्हें अपनी चोट के लिए नर्व डीकम्प्रेशन सर्जरी करवानी पड़ी है।

देवोलीना ने अपने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर फैंस को इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया बिगबॉस के घर में मेरा सफर रोलर कोस्टर की तरह रहा है। मैं मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक रूप से कई उतार.चढ़ावों से गुजरी हूं। एक्ट्रेस ने अपना अस्पताल से लेकर घर तक का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

बताया अपनी जर्नी के बारे में
जिसमें उन्होंने लिखा, जैसा कि आप सभी जानते हैं, मैं पोल ​​टास्क के दौरान घायल होकर गिर गई थी। मेरे BB-15 निष्कासन के बाद, मुझे तुरंत नर्व डीकम्प्रेशन सर्जरी करवानी पड़ी।

24 घंटे लगातार पोल पकड़ कर थी खड़ी
आपको बता दें कि बिग बॉस के घर में पोल टास्क के दौरान देवोलीना करीब 24 घंटे तक पोल पकड़कर खड़ी रही थीं। उनके साथी प्रतियोगी ने बाल्टी भरकर उनपर पानी फेंका, जिससे उनका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गईं। जो उनकी इस चोट का बड़ा कारण है। जिसके बाद शो में उन्हें सूटकेस का सहारा लेकर चलते हुए देखा गया। बावजूद इसके एक्ट्रेस ने हार नहीं मानी। घर से बाहर आकर उन्हें पता चला कि उनकी चोट काफी गंभीर है। जिसके लिए डॉक्टरों ने उन्हें इस सर्जरी की सलाह दी।

क्या होती है नर्व डीकम्प्रेशन सर्जरी
जब हड्डी के आकार में वृद्धि होती है, या कोई रीढ़ की हड्डी में चोट या रीढ़ की हड्डी में संक्रमण होता है, तब नर्व डिप्रेशन सर्जरी करनी पड़ती है। ये सर्जरी स्पाइन कुशल सर्जनों द्वारा की जाती है। ज्यादातर रीढ़ की हड्डी में संपीड़न वाले मरीज गर्दन दर्द, पीठ दर्द या हाथ-पैरों में सुन्नता और कमजोरी महसूस करते हैं।

ये सर्जरी आमतौर पर स्क्रू फिक्सेशन के साथ या बिना माइक्रोस्कोप या एंडोस्कोप सहायता से की जाती है। ये सर्जरी हमेशा किसी जानकार न्यूरोसर्जन से ही करवानी चाहिए। ऐसा करने से इसकी सफलता के परिणाम 90 से 93 प्रतिशत तक अच्छे होने की संभावना होती है। इसके साथ ही यदि मरीज सही समय पर डॉक्टर के पास चला जाता है तो इसके सफल होने की संभावना अधिक होती है। लेकिन अगर नर्व ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुकी है, तो सर्जरी के परिणाम ज्यादा अच्छे नहीं हो पाते।

ठीक होने में लगता है इतना समय
डॉक्टर का कहना है कि आमतौर पर इस सर्जरी के बाद मरीज 24 से 48 घंटे के बीत बेहतर महसूस करने लगता है। लेकिन अगर सर्जरी से पहले मरीज की परेशानी अधिक बढ़ गई हो, तो उसे ठीक होने में एक से डेढ़ महीना भी लग सकता है।